प्रकाशपुन्ज पाण्डेय ( राजनीतिक विश्लेषक और समाजसेवी

आखिर इंसान इतना निष्ठुर कैसे हो सकता ...

कोरोना संकट के काल में जहां एक और देश के गृहमंत्री और भारतीय जनता पार्टी के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह विपक्ष से यह प्रश्न पूछ रहे हैं की कोरोना संकट में विपक्ष ने क्या किया, वहीं दूसरी ओर चुनाव की सुगबुगाहट होते ही वर्चुअल रैली को संबोधित कर करोड़ों रुपए खर्च किए जाने पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दे रहे हैं यह कैसा दोहरा चरित्र है? जब देश इस समय एक बड़े और गंभीर आर्थिक संकट से जूझ रहा है सरकार के पास पीपीई किट खरीदने को पैसा नहीं हैं। सरकार अपनी जनता का कोविड 19 टेस्ट नहीं करवा पा रही है, वहीं दूसरी ओर करोड़ों रुपए एक रैली पर खर्च करना क्या संदेश देता है? 

बिहार में विधानसभा चुनाव की आहट होते ही भाजपा तैयारियों में जुट गई है। रविवार को गृहमंत्री अमित शाह ने 'बिहार-जनसंवाद' के माध्यम से वर्चुअल रैली को संबोधित किया। भाजपा ने दावा किया कि पार्टी मुख्यालय से गृहमंत्री अमित शाह द्वारा संबोधित अपनी तरह की पहली डिजिटल राजनीतिक रैली को 14 लाख से अधिक फेसबुक यूजर ने देखा, लेकिन भाजपा सोशल मीडिया पर इस रैली को लेकर यूजर्स के निशाने पर है। ट्‍विटर पर हैशटेग #72000 LED ट्रेंड कर रहा है। कई यूजर्स कह रहे हैं कि कोरोना महामारी के दौर में भाजपा का इतना खर्च कहां तक उचित है? इस ट्‍विटर पर यूजर्स भाजपा से इन एलईडी का खर्च पूछ रहे हैं। कई यूजर्स ने सवाल उठाया है कि एलईडी पर खर्च हुआ पैसा अगर प्रवासी मजदूरों पर खर्च किया जाता तो अच्छा रहता।

भाजपा ने इस रैली को लेकर खास तैयारियाँ की थीं। रैली को असली लुक देने के लिए 72 हजार बूथों पर 72 हजार एलईडी स्क्रीन लगाए गए थे। ये एलईडी स्क्रीन खास उन लोगों के लिए हैं जिनके पास स्मार्टफोन नहीं हैं। वर्चुअल रैली को आम रैली जैसा दिखाने की कोशिश की गई। अब यूजर्स इन 72 हजार एलईडी के खर्च को लेकर भाजपा पर सवाल उठा रहे हैं। रैली से पहले राजद नेता तेजस्वी यादव ने भाजपा पर आरोप लगाया था कि इस रैली के लिए राज्य में 72,000 एलईडी स्क्रीन लगाने के लिए 144 करोड़ रुपए खर्च किए गए। राज्य में लगभग 72,000 मतदान केंद्र हैं। 

मैं मीडिया के माध्यम से भारतीय जनता पार्टी के नेताओं और अमित शाह जी से यह प्रश्न करता हूं कि आपको देश की फ़िक्र है तो देश में लाखों मज़दूर जो परेशान हो रहे थे और हो रहे हैं उन्हें व्यापक तौर से घर पहुंचाने में यह पैसा क्यों नहीं खर्च किया? या आप के लिए सत्ता ही सब कुछ है? 

 

09-Jun-2020

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