खुलासा पोस्ट मैगजीन का लेख 

जिस तरह से अखिल भारतीय कांग्रेस के हवाले से छत्तीसगढ़ के प्रभारी महासचिव श्री पी. एल. पूनिया के द्वारा छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस की नए टीम की घोषणा की गई जो निश्चित ही स्वागत योग्य है, लेकिन समझने वाले को इतना ही इशारा काफी है की श्री राहुल गाँधी अभी-अभी कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष बने है और उन्होंने अभी AICC  के अपनी पूरी टीम की घोषणा अभी नहीं की है,  तो फिर छत्तीसगढ़ काँग्रेस की कार्यकारणी केवल जान फूंकने की कवायद ही मानी जाएगी ।

अखिल भारतीय कांग्रेस के महासचिव जनार्दन द्वेदी के 6 जनवरी के पत्र के हवाले से राहुल गाँधी जी के आदेश के अनुसार अभी वे सभी प्रदेशो के अध्यक्ष बने रहेंगे, उनके सक्रियता और कार्यो के हिसाब से ही उनकी आगे की जिम्मेदारी तय किया जाना है ऐसे में अभी चुनाव को 1 वर्ष है और कांग्रेस नेतृत्व के निर्णय क्या होंगे ये समय बताएगा | वैसे प्रभारी महासचिव जी के द्वारा किया गया ये ऐलान बड़े दम खम के साथ किया गया है जो काँग्रेस के कार्यकर्ताओं के लिए उत्साहित करने वाला है |

लेकिन अब भी एक सवाल छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस के लिये खड़ा हुआ है,  क्या कार्यकर्ताओ को पुरे  सम्मान के साथ जिम्मेदारी दी जा रही है ?  यहाँ PCC  में तो चन्द गिनती के चेहरे ही काँग्रेस भवन में मँडराते दिखाई देते हैं, और जो वास्तविक में असरदार लोग है जो की ज़मीन से जुड़े हुए कार्यकर्ता है उनकी पूछ परख अभी भी संगठन में नहीं हो रही है |  कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता इनके इस निर्णय से नाराज़ दिख रहे है जिन्हें मनाने की अब भी ज़रुरत है, जो इनके कार्यक्रमों से भी दूरी बनाते जा रहे है, जो की संगठन के लिए नुकसान दायक है ?

 श्री पुनिया जी को शायद वास्तविकता का सही-सही पता नही है लगता है, और उन्होंने चुनावी 20 -20  मैच के लिये टीम की घोषणा भी कर दी है जो की हैरान करने वाला है, जो कप्तानी करना चाहते थे उन्हें कोच बना कर रिटायर कर दिया और मैच से बाहर का रास्ता दिखा दिया और 2  बड़े बड़े आल राउंडर टीम में है जो मैच जिताने का पूरा दम रखते थे उन्हें मैच से पहले ही टीम के लिये अयोग्य ठहरा दिया गया है,  और डमी उपकप्तानो पर भरोसा कर रहे है, और जो जीत के परिणाम को पलटने की हिम्मत रखते है उन्हें मैच से बाहर रख कर मैच जितना चाहते है

जो की आत्मघाती कदम हो सकता है क्योकि वर्तमान कप्तान के नेतृत्व को कांग्रेस का एक बड़ा वर्ग बिलकुल भी नहीं पसन्द करता है खैर अभी शुरुवाती दौर है और चुनावी मैच शुरू होने में अभी समय है अभी तो बहुत से रंग बदलेंगे, अभी कार्यकारणी में खींच-तान टिकटों का बंटवारा और भी तोड़ जोड़ और भी बहुत कुछ अभी होना बाकी है | प्रभारी महासचिव 2019 में हमारी यही सलाह आपको काम आएगी !

 
 
12-Jan-2018

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