एम.एच.जकरीया, TNIS

लोकसभा चुनाव 2019 में जिस तरह से बीजेपी ने बम्पर जीत हासिल की है वह विपक्षी पार्टियों के गले ही नहीं उतर रही है विपक्ष के द्वारा कई मुद्दों को जोर शोर से उठाने के बावजूद बीजेपी ने आश्चर्यजनक तरीके से जीत दर्ज कर सभी को हैरान कर दिया है अंतिम चरण के मतदान के दिन के बाद दूसरे दिन अधिकतर न्यूज चैनलों ने अपने एग्जिट पोल पर बीजेपी को पूर्ण बहुमत प्राप्त करते हुए भी दिखाया था लेकिन विपक्ष ने इसे खारिज कर दिया और मतगणना के दिन बीजेपी ने बहुमत से भी ज्यादा सीटें पाई इसी तरह बीजेपी ने छत्तीसगढ़ में भी 11 लोकसभा सीटो में से 9 सीटें हासिल की वही कांग्रेस 2 सीटो पर सिमट कर रह गई

प्रदेश में पांच महीने पहले ही विधानसभा चुनाव हुए हैं जिसमे छत्तीसगढ़ की जनता ने 15 सालो से छत्तीसगढ़ की सत्ता पर जमे रमन सरकार को बेदखल कर कांग्रेस को भरपूर प्यार दिया और इसी वजह से कांग्रेस को विधानसभा चुनाव में 90 में से 68 सीटें मिली वही 15 वर्षो से प्रदेश में राज करने वाली बीजेपी 15 सीटो पर सिमट गई. पांच महीनो के बाद ही लोकसभा चुनाव परिणाम में प्रदेश में कांग्रेस को केवल 2 सीटें मिलने से कई कांग्रेसी दिग्गज आश्चर्य में है वही पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने भी भूपेश सरकार पर हमला बोला तो कुछ ऐसे भी लोग सोशल मीडिया पर एक्टिव हुए जिन्होंने कांग्रेस प्रदेश नेतृत्व पर सवाल उठाने शुरू कर दिए. हाँ भूपेश सरकार को लोकसभा चुनाव में प्रदेश में आए इस परिणाम पर आत्मचिंतन करने की जरुरत है लेकिन कांग्रेस के प्रदेश नेतृत्व पर सवाल उठाने वालों को भी यह समझना होगा कि जनता हमेशा मुद्दों पर ही किसी राजनीतिक पार्टी को वोट देती है

विधानसभा चुनाव में जनता ने पूर्व सरकार के कई वादाखिलाफी वादों की वजह से बीजेपी के खिलाफ वोट किया था वही अगर लोकसभा चुनाव में देखें तो कह सकते हैं शायद विपक्ष कई महत्वपूर्ण मुद्दों को भुना नहीं सकी कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी अपने अधिकतर सभाओं में केवल राफेल डील की बात पर ज्यादा बोले जबकि उन्हें बेरोजगारी, पेट्रोल-डीजल के बढ़ते दाम, डॉलर के मुकाबले रुपया का कमजोर होना, बढ़ते रसोई गैस के दाम जैसे मुद्दों पर ज्यादा फोकस करना था.

फिलहाल चुनाव परिणाम सबके सामने है और बीजेपी दोबारा पूर्ण बहुमत से भी ज्यादा सीटें पाकर एक बार फिर सरकार बना रही है चुनाव हो या मैच सभी में हार जीत लगी रहती है ऐसे में बीजेपी की जीत की वजह से कांग्रेस के प्रदेश नेतृत्व पर उंगली उठाना तर्क संगत नहीं माना जा सकता है क्योंकि सभी को पता है कि प्रदेश और राष्ट्र के चुनाव में मुद्दे अलग हो जाते है. प्रदेश के विधानसभा चुनाव में आम जनता, किसान लगभग हर वर्ग रमन सरकार के दमनात्मक राज से त्रस्त हो चुका था इसलिए उन्होंने सत्ता परिवर्तन किया लेकिन  लोकसभा चुनाव को भी उसी तारतम्य में देखा जाना सही नहीं कहा जा सकता है सोशल मीडिया में कुछ हताश और घबराये हुए लोग मुख्यमंत्री भूपेश बघेल पर हमला बोल रहे है. हमला बोलने वालों को समझने की ज़रूरत है और यह छत्तीसगढ़ की जनता इसे बेहतर समझ भी रही है कि यह वही लोग है जो भूपेश सरकार के द्वारा पिछली सरकार की फाइलें खोल कर जाँच शुरू करवाने और पिछली सरकार में हुए भ्रष्टाचार के दोषियो  की जांच कराने और उन्हें बेनक़ाब कर सजा दिलवाने में तत्परता दिखाने पर अपनी खीज़ इस तरह से निकाल रहे है. हालांकि केंद्र में फिर से मोदी सरकार आई है इसके बावजूद छत्तीसगढ़ सरकार के नेतृत्व को कमज़ोर समझने की गलती इन्हें नहीं करना चाहिए ।

खुलासा पोस्ट न्यूज नेटवर्क को मिली जानकारी के अनुसार लोगों के बीच ऐसी भी चर्चा है कि यह एक बड़ी साजिश के तहत छत्तीसगढ़ की सरकार और भूपेश बघेल को परेशान करने की कोशिश की जा रही हो और सम्भवता उसमे कांग्रेस के वरिष्ठ नेता शामिल है क्योकि लोकसभा चुनाव में कुछ बाते देखी गई थी जिसे जानबूझ कर अनदेखा किया गया फिलहाल भूपेश सरकार के पास जनता का विश्वास जीतने के लिए पांच साल है चुनाव में अपने किए गए वादों के अनुसार छत्तीसगढ़ की सत्ता संभालते ही कांग्रेस ने किसानो के कर्जमाफ किए वही बिजली के दाम भी आधे किए भूपेश सरकार अपने और भी वादों को पूरा करने की कोशिश कर रही हैं छत्तीसगढ़ में अभी नई सरकार को केवल पांच महीने हुए हैं और ऐसे में लोकसभा चुनाव की हार को लेकर भूपेश बघेल के नेतृव पर सवाल नहीं उठाया जा सकता ।  

 
24-May-2019

Leave a Comment