पथारागढ़ी विधि सम्मत अभियान ,आदिवासियों की सामाजिक मुहीम है ,आर के राय जोगी कांग्रेस के जाँच समिति के सदस्य होने के नाते अपने बयान में उन्होंने कहा है की पथरगढ़ी आदिवासी समाज की सामाजिक विचार है और संविधान दिवस के अवसर पर एक शिलालेख का निर्माण आपसी आर्थिक सहयोग से कराया जा रहा है। आदिवासियों की प्रमुख मांगें शांति, शिक्षा, चिकित्सा, बिजली, सड़क, ये मूलभूत सुविधाएं उन्हें प्राप्त नहीं है और न ही उन्हें इस सुविधाओं को दिलाने के लिए किसी ने पहल किया है। 
पत्थरगड़ी प्रकरण को लेकर जोगी कांग्रेस के नेताओं ने अपनी जांच रिपोर्ट पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी को सौंप दी है। समिति ने रिपोर्ट में कहा है कि पत्थरगड़ी में जो बातें लिखी गई है, उनका संविधान में उल्लेख है। विधि या संविधान के अवमान में कोई बात नहीं लिखी गई है। समिति ने यह भी कहा कि यह सामाजिक मुहिम है और इसमें कोई बाहरी संगठन या धार्मिक संस्थाएं शामिल नहीं हैं। 
श्री जोगी ने पार्टी की जांच समिति गठित की थी। समिति के प्रमुख विधायक आरके राय थे। समिति ने 21 बिन्दुओं पर जांच कर अपनी रिपोर्ट पूर्व मुख्यमंत्री को सौंप दी। समिति ने यह कहा है कि पत्थरगड़ी अभियान पूर्णत: सामाजिक है और ग्रामवासियों द्वारा संयुक्त रूप से आर्थिक सहयोग कर स्वप्रेषित होकर जागरूकता के तहत चलाया गया। जिसका नेतृत्व किसी व्यक्ति विशेष के पास नहीं है और न ही कोई दल यह संस्था या प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष रूप से इस अभियान में शामिल हैं।
रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि आदिवासियों के द्वारा अपने मूलभूत  अधिकारों की मांग शुरू से चला आ रहा है।     
किन्तु वर्तमान में जागरूकता के कारण ग्रामवासी संविधान में उल्लेखित प्रावधानों के अनुसरण में अपने अधिकारों की मांग के लिए अग्रसर हैं। जिसमें ग्रामवासी ही अग्रसर है जिन्हें किसी राजनीतिक दल का समर्थन हासिल नहीं है। जांच समिति ने पत्थरगड़ी अभियान में पूर्णत सामाजिक स्थिति निहित है। इस अभियान में जागरूकता, संगठन प्रगति के उद्देश्य निहित है। इसमें सांस्कृतिक व सामाजिक मूल्यों को बढ़ावा मिलने की बात ग्रामवासियों द्वारा एक स्वर में बताया गया

09-May-2018

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