दुर्ग. छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले के भिलाई के मॉडल टाउन क्षेत्र में संचालित रस्तोगी नर्सिंग कॉलेज की 60 छात्राएं फूड प्वाइजनिंग का शिकार हो गईं हैं. सभी छात्राओं को नेहरू नगर के हाईटेक अस्पताल में भर्ती कराया गया है. इसमें एक छात्रा की मौत हो गई है. वहीं 46 छात्राओं की हालत गंभीर बनी हुई है. उनका इलाज चल रहा है. शेष 13 छात्राएं ठीक हो गई हैं.  जानकारी के मुताबिक नर्सिंग कॉलेज में 300 छात्राएं हॉस्टल में रहकर एएनएम और नर्सिंग का कोर्स करती हैं.
4 दिन पहले कुछ छात्राओं को फूड प्वाइजनिंग की शिकायत हुई थी.  प्रबंधन ने उन्हें उपचार के लिए हॉस्पिटल में भर्ती कराया.  इसके बाद एक-एक कर और भी छात्राओं की तबीयत बिगड़ती चली गई.  इस तरह से करीब 60 छात्राओं की तबीयत खराब हो चुकी है.  इसमें से एक छात्रा की मौत हो गई है और 46 छात्राओं का उपचार चल रहा है.  कॉलेज प्रबंधन पिछले तीन दिनों से यह मामला दबाए हुए था.  चौथे दिन जब बालोद निवासी कामिनी की डेथ हुई तो मामला आग की तरह फैला.

मेयर ने पूछा हाल

जानकारी मिलते ही भिलाई नगर निगम के मेयर नीरज पाल, आयुक्त लोकेश चंद्राकर, उपायुक्त अशोक द्विवेदी, पार्षद वशिष्ठ नारायण मिश्रा सिहत अन्य लोग पहुंचे.  मेयर नीरज पाल ने दुर्ग कलेक्टर से बात की और मामले की जांच कराने की बात कही.  नीरज पाल ने निगम आयुक्त को निर्देश दिया है कि वे खुद मामले की जांच कराएं और गलती पाए जाने प्रबंधन के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए. इधर रस्तोगी नर्सिंग कॉलेज प्रबंधन ने छात्रा कामिनी की मौत की जिम्मेदारी लेने से इंकार किया है.  कॉलेज के जीएम श्रीजी नायर ने कहा कि कामिनी की तबीयत खराब जरूर हुई थी, लेकिन वह ठीक हो गई थी.  इसके बाद उसके परिजन उसे बालोद घर लेकर चले गए थे.  वहां उसकी मौत हुई है.  इस मौत के लिए प्रबंधन जिम्मेदार नहीं है.
जब मेयर नीरज पाल ने बीमार छात्राओं से बात की तो उन्होंने बताया कि मेस में उन्हें घटिया खाना दिया जाता था.  बासी खाना खिलाया जाता था.  दाल पानी की तरह होती थी.  सब्जी, चावल व रोटी की क्वालिटी बिल्कुल खराब थी। बासी व खराब खाना खाने से ही उनकी तबीयत बिगड़ी है.   इस घटना के सामने आने के बाद मेयर नीरज पाल ने आदेश दिया है कि भिलाई नगर निगम क्षेत्र में जितने भी कॉलेज व अन्य हॉस्टल हैं उसकी एक-एक करके जांच की जाए.

03-Aug-2022

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