बड़ा खुलासा: महासमुंद जिले के झलप, विद्युत वितरण केंद्र में भ्रष्टाचार का बोलबाला, बिजली के खम्भे को मिट्टी में दबाकर,ग्रामीणों को अंधेरे में रखकर सरकार को भी लगा रहें हैं लाखों का चूना,

महासमुंद : छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले के झलप ग्राम पंचायत में बिजली विभाग के कर्मचारियों द्वारा ग्रामीणों के साथ साथ सरकार को भी चुना लगाने का मामला सामने आया है, जानकारी के अनुसार बिजली विभाग द्वारा नव निर्माण बिजली के खंभे को खोदकर सिर्फ मिट्टी से खंभे भर दिए जाते हैं जिसका परिणाम होता है कुछ दिन बाद ख़म्भे लटक जातें हैं जबकि सरकार के मानक के हिसाब से खम्भे लगाने के बाद सीमेंट, रेती गिट्टी डालकर खम्भे को मजबुती दी जानी चाहिए लेकिन ऐसा नही किया जाता है,जिसकी जानकारी होने पर मीडिया की टीम ने इसकी जाँच पड़ताल की जांच में ग्रामीणों द्वारा जी बात बताई गई थी वो सही निकला बिजली के खम्भे सीमेंट रेती मिट्टी के स्थान पर खानापूर्ति करते हुवे सिर्फ और सिर्फ मात्र मिट्टी पटिंग से खम्भे खड़े कर दिये गये है झलप के बिजली अधिकारियों कर्मचारियों से मिली भगत कर के ठेकेदारों ने लाखों रुपए का वारा न्यारा आसानी से कर रहें है परिणाम स्वरूप मिट्टी से दबाए गए खम्भे पहली बरसात में ही पूरी तरह से झुक गए हैं? जिससे हल्की सी हवा पानी चलने एवं गिरने से 4 से 5 दिन तक गांव में लाइट गुल हो जाती है, जिससे गाँवो में कई कई दिनों तक लाइट नही मिलती है,जिसे लेकर ग्रामीणों द्वारा फोन लगाया जाता है तो ग्रामीणों का फोन तक बिजली कर्मचारियों द्वारा नही उठाया जाता थक हार कर ग्रामीण उपभोक्ता अपनी जीवन अंधेरे में ही व्यतीत करने के लिए मजबूर है झलप बिजली ऑफिस कार्यालय में अधिकारी कर्मचारी अपनी सुविधा के लिए प्राइवेट व्यक्तियों को अपना असिस्टेंट शागिर्द बनाकर रखते हैं प्राइवेट व्यक्ति आज भी कार्यालय में बैठकर उपभोक्ताओं से  समस्त बिजली संबंधि  कार्यालय एवं लाइट संबंधित कार्य को खुले आम अंजाम दे रहा है इससे झलप वितरण केंद्र में पदस्थ जूनियर इंजीनियर शैलेश कुमार पाटले का आशीर्वाद प्राप्त है  शैलेश कुमार पाटले इसी बाहरी व्यक्ति के जरिए नियम कानून ताक पर रखकर गलत तरीके से  पैसा कमा रहा है!इतना ही नही विभाग भी शैलेश कुमार पटेल के ऊपर मेहरबान है कई वर्षों से इसी ग्राम।के पदस्थ है,जिसके क्रियाकलापों से कई गाँव के लोग त्रस्त हैं,विभाग द्वारा शैलेश कुमार  पाटले के क्रियाकलापों को गम्भीरता से नही लेता है तो निश्चित रूप से किसी दिन ग्रामीणों के कोप भाजन का शिकार बिजली विभाग को होना पड़ेगा।

23-Jun-2022

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