ग्राम स्वराज अभियान: राज्य के 346 गांवों में शत-प्रतिशत हितग्राहियों को प्रधानमंत्री की सात प्रमुख योजनाओं का लाभ मिलेगा 

मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने आज शाम यहां अपने निवास कार्यालय में वीडियो कॉन्फ्रेसिंग के जरिए प्रदेश के सभी जिला कलेक्टरों की बैठक ली। डॉ. सिंह ने बैठक में राष्ट्रव्यापी ग्राम स्वराज अभियान के तहत राज्य में चल रहे कार्यो की समीक्षा की। उल्लेखनीय है कि केन्द्र सरकार के निर्देश पर छत्तीसगढ़ में भी यह अभियान 14 अप्रैल से शुरू हो चुका है, जो पांच मई तक चलेगा। 
मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में आज की वीडियो कॉन्फ्रेसिंग में ग्राम स्वराज अभियान के तहत केन्द्र सरकार की प्रमुख योजनाओं के क्रियान्वयन की विस्तृत समीक्षा की गई। डॉ. सिंह ने जिला कलेक्टरों से कहा कि अभियान के तहत प्रदेश में 11 जिलों के लक्षित सभी 346 गांवों के शत-प्रतिशत पात्र हितग्राहियों को अभियान चलाकर प्रधानमंत्री की प्राथमिकता वाली सात योजनाओं का लाभ दिलाना सुनिश्चित किया जाए। 
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस अभियान के तहत प्रदेश के चयनित 346 गांवों में सभी पात्र हितग्राहियों को प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत रसोई गैस कनेक्शन, सौभाग्य योजना में हर घर में बिजली कनेक्शन, उजाला योजना में एलईडी वितरण सहित प्रधानमंत्री जन-धन योजना के तहत बैंक खाते खोलने, प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना, प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना का लाभ दिलाने और मिशन इन्द्रधनुष के अंतर्गत बच्चों और गर्भवती महिलाओं के टीकाकरण का शत-प्रतिशत लक्ष्य पांच मई तक देना सुनिश्चित किया जाए।
उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ में ग्राम स्वराज अभियान के तहत 14 अप्रैल से आगामी पांच मई तक प्रदेश की दस हजार 971 ग्राम पंचायतों के लगभग बीस हजार गांवों में प्रधानमंत्री की प्राथमिकता वाली योजना का लाभ हितग्राहियों को दिलाने के लिए कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। इस अभियान के तहत छत्तीसगढ़ में सर्वाधिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया है। कार्यक्रमों के आयोजन की दृष्टि से छत्तीसगढ़ देश में प्रथम स्थान पर है। इस अभियान में 346 ऐसे गांवों का चयन किया गया है, जहां गरीब परिवारों की संख्या तुलनात्मक रुप से अधिक है। इनमें रायपुर जिले के 102, बिलासपुर जिले के 96, जांजगीर-चांपा जिले के 70, दुर्ग जिले के 27, रायगढ़ जिले के 21, कबीरधाम जिले के 16, राजनांदगांव जिले के 06, कोरबा जिले के 03, महासमुन्द और धमतरी जिले के दो-दो तथा जशपुर जिले का एक गांव शामिल हैं। इन सभी गांवों में सभी पात्र हितग्राहियों को योजना का लाभ दिलाने का लक्ष्य सुनिश्चित किया गया है। बैठक में बताया गया कि सौभाग्य योजना के तहत चिन्हांकित 346 गांवों में 230 गांवों के शत-प्रतिशत घरों में बिजली के कनेक्शन दिए जा चुके हैं। इस योजना के क्रियान्वयन में छत्तीसगढ़ देश में चौथे स्थान पर है। मुख्यमंत्री ने पांच मई तक सभी 346 गांवों में शत-प्रतिशत घरों में बिजली कनेक्शन देने के निर्देश दिए। एलईडी वितरण की उजाला योजना के अंतर्गत प्रदेश में 90 करोड़ एलईडी बल्ब वितरित किए जा चुके हैं। 
बैठक में ऊर्जा विभाग के सचिव श्री सिद्धार्थ कोमल सिंह परदेशी ने बताया कि गरीबी रेखा के नीचे के 95 प्रतिशत परिवारों को एलईडी बल्ब वितरण का काम पूरा हो चुका है, जबकि ग्राम स्वराज योजना के अंतर्गत चयनित 346 गांवों में से 156 गांवों में शत-प्रतिशत परिवारों को एलईडी बल्ब का वितरण किया जा चुका है। शेष 190 गांवोें में कैम्प लगाकर एलईडी वितरण का कार्य पांच मई तक पूर्ण कर लिया जाएगा। उन्होंने बताया कि पांच मई तक प्रतिदिन इन गांवों में 32 कैम्प लगाकर एलईडी बल्ब वितरण किए जाएंगे। बैठक में यह जानकारी भी दी गई कि प्रधानमंत्री जन-धन योजना के तहत 13 हजार 800 के लक्ष्य के विरूद्ध अब तक 9600 बैंक खाते खोले जा चुके हैं। बैठक में बताया गया कि मिशन इन्द्रधनुष के अंतर्गत पांच वर्ष से कम आयु के 79 प्रतिशत बच्चों के टीकाकरण और प्राथमिक शाला के 91 प्रतिशत बच्चों के टीकाकरण का काम पूरा कर लिया गया है। 
    बैठक में राज्य योजना आयोग के उपाध्यक्ष श्री सुनिल कुमार, मुख्य सचिव श्री अजय सिंह, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के अपर मुख्य सचिव श्री आर.पी. मंडल, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री अमन कुमार सिंह, वित्त विभाग के प्रमुख सचिव श्री अमिताभ जैन, मुख्यमंत्री के सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह, खाद्य विभाग की सचिव श्रीमती ऋचा शर्मा और कृषि विभाग के सचिव श्री अनूप श्रीवास्तव सहित संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। 

 
27-Apr-2018

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