घर-घर जाकर सर्वे दल करेगा 68,000 लोगों की मलेरिया जांच

15 जून से 31 जुलाई तक चलाया जाएगा मलेरिया मुक्त अभियान

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रायपुर ,जिले को मलेरिया मुक्त बनाने के लिए पांच ब्लॉकों के चिंहित ग्रामों में घर-घर जाकर मलेरिया के मरीजों की खोज की जाएगी। इस अभियान में 177 ग्रामों के 68,000 लोगों का सर्वे कर मलेरिया के संभावित मरीजों की जांच की जाएगी। यह अभियान मानसून के आगमन के साथ ही 15 जून से 31 जुलाई  तक चलाया जाएगा|

सीएमएचओ डॉ. जेएल उइके ने बताया पांच ब्लॉकों- भानूप्रतापपुर, कांकेर, दुर्गकोंदल, कोयलीबेड़ा व अंतागढ़ के 67 उपस्वास्थ्य केंद्रों के अंतर्गत मलेरिया पॉजिटिविटी रेट 0.2 से अधिक वाले ग्रामों का चयन किया गया है। इस अभियान के द्वारा मलेरिया के कारणों को शुरुआत से पहले ही रोक कर जिले में मलेरिया धनात्मक दर को कम किया जाना है।

मानसून के आगमन के साथ जगह-जगह जल जमाव होने के अलावा  मच्छरों का प्रकोप बढ़ भी जाता है।ऐसे में मलेरिया  मच्छरों के  काटने से फैलने का खतरा बना रहता है जिसे देखते हुए बारिश के प्रारंभ में ही स्वास्थ्य विभाग द्वारा मलेरिया मुक्त छत्तीसगढ़ अभियान का चौथे चरण प्रारंभ किया जा रहा है।

इसके तहत् जिले में संचालित होने वाले सर्वे में ग्रामवार सर्वे दल का गठन किया गया है। इस दल में महिला-पुरुष स्वास्थ्य कार्यकर्ता तथा उस गांव अथवा पारा से संबंधित मितानिन को सम्मिलित किया जाएगा। सर्वे दल द्वारा गांव के प्रत्येक घरों में जाकर घर के सभी सदस्यों की सर्दी, खांसी, बुखार व मलेरिया की पहचान के लिए रक्त जांच की जाएगी। आरटीपीसीआर जांच में धनात्मक पाये जाने पर दल द्वारा अपने समक्ष मलेरिया दवा की प्रथम खुराक मरीज को खिलाई जाएगी। बची हुई खुराकों के लिए निर्धारित दिन में स्थानीय मितानिन के द्वारा मरीज के घर पहुंचकर दवा खिलायी जाएगी। इसके साथ ही सर्वे दल द्वारा मरीज की जानकारी के संबंध में सामान्य जानकारियों को दर्ज कर रजिस्टर संधारण किया जाएगा। उपचार के बाद मितानिन व स्वास्थ्य कार्यकर्ता द्वारा मरीज का फालोअप रिपोर्ट तैयार किया जाएगा।

सीएमएचओ डॉ. जेएल उइके ने बताया, सर्वे दल की मॉनिटरिंग के लिए सेक्टर सुपरवाइजर, बीएमओ द्वारा की जाएगी। जिला मलेरिया नियंत्रण नोडल अधिकारी डॉ डी.के. रामटेके द्वारा जिला स्तर पर सर्वे दल के लिए जरुरी संसाधन भी उपलब्ध कराया जाएगा ताकि जिला को मलेरिया मुक्त बनाने के लिए अभियान कारगार साबित हो सके।

डॉ. उइके ने बताया, सर्वे दल द्वारा सर्वे के साथ-साथ घर के आस-पास जल स्रोत नियंत्रण का कार्य किया जायेगा जिसके अंतर्गत घर के आस-पास ऐसे सभी स्थान जहां पर पानी का जमाव अथवा दलदली भूमि है, ऐसे स्थानों पर मच्छर पनपने की संभावना को देखते हुए जल जमाव वाले गढ्ढों को पाटने, खाली पड़ी मटकों, टायरों, बरतनों में जल जमाव न होने देने, नालियों की सफाई करने के लिए प्रेरित किया जाएगा। इसके साथ ही घर के सभी सदस्यों को मच्छरदानी का उपयोग करने, सायंकाल में ढके हुए कपड़े पहनने तथा मच्छरों के काटने से बचने की सलाह भी दी जायेगी। मच्छर से बचाव के साथ कोरोना से बचाव के लिए भी जागरूक किया जायेगा। हर गांव में मितानिन द्वारा गांव की दिवारों पर नारा लेखन के माध्यम से भी जागरुकता प्रसार का कार्य किया जायेगा।

 

12-Jun-2021

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