पोस्ट कोविड लक्षण वाले मरीजों के लिये नई व्यवस्था

जगदलपुर 20 नवम्बर। जगदलपुर मेडिकल कॉलेज के चेस्ट एंड टीबी डिपार्टमेंट में पोस्ट-कोविड ओपीडी बनाया जा रहा है, जहाँ कोविड से ठीक होने के बाद भी परेशानी महसूस कर रहे मरीज़ों का उपचार होगा। कोरोना वायरस से ठीक होने के बाद भी कुछ लोग बीमार पड़ रहे हैं। जिसे पोस्ट कोविड सिम्पटम भी कहा जाता है.

मेडिकल कॉलेज जगदलपुर के कोविड प्रभारी डॉ नवीन दुल्हानी ने बताया, कोविड-19 से ठीक होने के बाद कई मरीज ऐसे हैं जिन्हें थकान, साँस लेने में परेशानी, चक्कर आना, बेहोशी, हल्का बुख़ार, जोड़ों में दर्द उदासी और मानसिक तनाव जैसे लक्षण सामने आ रहे हैं। कई लोगों में स्वाद का ना आना और गले में ख़राश की दिक़्क़त भी बनी हुई है। जिस मरीज़ में कोविड का संक्रमण जितना अधिक होता है, उतने ज़्यादा लक्षण उसमें ठीक होने के बाद देखने को मिलते हैं।  ऐसे मरीजों के उपचार के लिये मेकॉज में पोस्ट कोविड ओपीडी प्रारम्भ करने की तैयारी पूरी की जा चुकी है जहाँ एमडी मेडिसिन, चेस्ट एंड टीबी विशेषज्ञ, फिजियोथेरेपिस्ट, व मानसिक स्वास्थ्य हेतु साइकॉलजिस्ट उपस्थित रहेंगे। ये ओपीडी केवल उन मरीजों के लिए बनाई जा रही है, जो कोरोना संक्रमण को मात देकर एक बार ठीक हो चुके हैं लेकिन पोस्ट कोविड प्रभाव के कारण उनमे पुनः कोई लक्षण सामने आ रहे है।

कोरोना की बीमारी ठीक होने पर भी ऐसे लक्षण इसलिये दिखाई पड़ते है क्योंकि वायरस से लड़ने के लिए शरीर में बने एंटीजन इम्यून सिस्टम में इस तरह के बदलाव कर देते हैं, जिससे इम्यून सिस्टम अति प्रतिक्रिया करने लगता है. इसी कारण बुख़ार, बदन दर्द और अन्य समस्याएँ होने लगती हैं।

कोरोना से बचाव के लिये कुछ नियमों का पालन जरूरी है, खासतौर पर ऐसे व्यक्ति जो हाल ही में इस संक्रमण से उबरे हो क्योंकि इस स्थिति में शरीर थोड़ा कमजोर हो चुका होता है। इसलिये प्रतिदिन कम समय के लिए ही सही लेकिन एक्सरसाइज करते रहें। इसे एक बार रुटीन में शामिल कर लें तो आप शारीरिक और मानसिक रुप से फिट रहेंगे। स्वस्थ खाना खाएं, ताकि सेहत में तेजी से सुधार आए, संक्रमण के दौरान कई बार वजन कम होने की स्थिति उत्पन्न हुई है इसलिए इपनी डाइट में प्रोटीन युक्त सब्जियां शामिल करें या डॉक्टर द्वारा बताई हुई डाइट का खाना खाएं।

कोरोना रिपोर्ट अगर निगेटिव आ गई है तो ऐसे में अपने शरीर का ध्यान रखते हुए धीरे-धीरे आम जिंदगी की तरफ बढ़े। सबसे पहले अपने इम्यून सिस्टम पर काम करें। इसके साथ ही सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करें और अपने आस पास लोगों को कोरोना के प्रति जागरुक करें। अगर थकान, साँस लेने में परेशानी, चक्कर आना, बेहोशी,  हल्का बुख़ार, जोड़ों में दर्द उदासी और मानसिक तनाव जैसे लक्षण सामने आ रहे हैं तो इन बातों के नजर अंदाज ना करें, तुंरत डॉक्टर से संपर्क करें।

21-Nov-2020

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