दुर्ग : शासकीय जिला अस्पताल स्थित ब्लड बैंक द्वारा राष्ट्रीय स्वैच्छिक रक्तदान दिवस के मौके पर आज स्वैच्छिक रक्तदान के लिए लोगों को प्रोत्साहित करने सीएमएचओ ने अपील की है।

सीएमएचओ डॉ. गंभीर सिंह ठाकुर और दुर्ग जिला अस्पताल  सिविल सर्जन डॉ.पी. बाल किशोर ने ब्लड बैंक प्रभारियों व गैर शासकीय संस्थाओं को स्वैच्छिक रूप से स्वैच्छिक रक्तदान को प्रोत्साहित करते हुए वैश्विक महामारी कोविड-19 के कारण सोशल डिस्टेंसिंग का विशेष ध्यान रखना है। स्वैच्छिक रक्तदान के लिए लोगों को प्रोत्साहित करते हुए 1 से 15 अक्टूबर तक 4 बार रक्तदान शिविरों का आयोजन किया जाना है।

जिला अस्पताल दुर्ग की ब्लड बैंक प्रभारी डॉ० जिज्ञासा ने बताया आज कोविड -19 पॉजेटिव 2 मरीजों को दो यूनिट रक्तदान किया गया। यह  दोनों कोविड-19 से पीड़ित मरीज शंकराचार्य मेडिकल कॉलेज के कोविड अस्पताल में भर्ती हैं। इन मरीजों को रक्त की जरुरत पड़ने पर शासन द्वारा निर्धारित नियमों के तहत रक्त उपलब्ध कराया गया।

कोरोना काल में रक्तदान के लिए छ.ग. राज्य एड्स नियंत्रण समिति के सह परियोजना संचालक डॉ. एसके बिंझवार ने कहा कोराना संक्रमण से स्वस्थ हो चुके व्यक्तियों को नियमानुसार प्लाजमा दान के लिये चिन्हीत करते हुए सहमति उपरांत प्लाजमा दान करने के लिए प्रोत्साहित किया जाए।  साथ ही गैर कोविड सेवाओं को निरंतर बनाये रखते हुए एवं आपातकालीन सेवायें जैसे प्रसव, दुर्घटना आदि तथा हीमोग्ब्लोबीनोपैथी मरीजों के लिए ब्लड बैंक में रक्त की उपलब्धता बनाये रखना सुनिश्चित करना ब्लड बैंक की उपयोगिता सर्वोपरि है।

अशासकीय संगठनों को रक्तदान में बढ़-चढ़ कर हिस्सा लेने के लिए जिला स्तर पर युवा संगठनों, सामाजिक संगठन, महिला समितियों, स्वयं सेवी संगठनों, व्यापारिक संगठनों आदि को आहवान किया गया है। रक्तदान में सोशल डिस्टेंसिंग के मानको का पालन करते हुए रक्तदान शिविरों में अधिक से अधिक सहभागी हों। कोविड- 19 के चलते उत्पन्न वैश्विक स्वास्थ्य संकट को ध्यान में रखते हुए सभी शिविरों में तमाम सुरक्षा व्यवस्था जैसे कि दो गज देह से दूरी, मास्क का प्रयोग, सैनिटाइजेशन आदि का विशेष ध्यान रखा जाएगा। शिविर में स्थानीय जिला अस्पताल के ब्लड बैंक की टीम मौजूद रहेगी। इस दौरान एकत्र किए गए रक्त को जिला अस्पताल में संचित किया जाएगा और जरूरतमंद लोगों की मदद की जाएगी।

ब्लड बैंक प्रभारी डॉ० जिज्ञासा ने कहा स्वैच्छिक रुप से रक्तदान के लिए आने वाले लोगों को काउंसलिंग के बाद रक्त संग्रहण किया जाता है। डॉ. जिज्ञासा ने बताया शासकीय अस्पतालों में भर्ती मरीजों को आपात काल के समय निशुल्क रक्त प्रदान किया जाता है। रक्तदान करने से शरीर में कोई नुकसान नही होता। रक्तदान करने हेतु कोई भी स्वस्थ व्यक्ति जो 18 से 65 साल आयु वर्ग का है और जो कम से कम 45 किलो वजन का हो एवं उसका हीमोग्लोबीन 12.5 ग्राम से ज्यादा का हो रक्तदान कर सकता है। रक्तदान संबंधी कई भ्रांतियों का भी उल्लेख करते हुये बताया कि रक्तदान करने से कमजोरी नहीं आती।

राज्य के कुल जनसंख्या 2.55 करोड़ के आधार पर 01 प्रतिशत रक्त की आवश्यकता होती है अथार्त 2.55 लाख युनिट प्रतिवर्ष जरूरत पड़ती है जिसे शासकीय एवं गैर शासकीय ब्लड बैंको के माध्यम से पूर्ति किया जाना है। वर्तमान में राज्य में कुल 94 ब्लड बैंक कार्यरत हैं जिसमें 31 शासकीय चिकित्सालय ब्लड बैंक तथा 63 गैर शासकीय ब्लड बैंक संचालित है। वर्ष 2019-20 में ब्लड बैंकों द्वारा कुल 231054 रक्त संग्रहण किया गया। वर्ष 2020-21 (अप्रैल से अगस्त) में अबतक ब्लड बैंकों द्वारा कुल 67543 रक्त संग्रहण किया गया।

रक्तदान करने से मुझे क्या मिलेगा, क्या हैं इसके फायदे?

 एक प्रशस्ति-पत्र और एक डोनर कार्ड मिलेगा

 जरूरत पड़ने पर कार्ड से एक साल तक सिविल अस्पताल से रक्त ले सकते हैं

 रक्तदान से नई लाल रक्त कोशिकाएं बनती हैं

 रक्त-प्रवाह को सामान्य बनाये रखता है, बीपी की समस्या नहीं होती

 रक्तदान से हार्ट अटैक की आशंका कम हो जाती है

 यह कैंसर के रिस्क को भी घटाता है

 रक्तदान करने से वजन भी नियंत्रण में रहता है

 हालांकि इसे वजन घटाने के उद्देश्य से किया जाना ठीक नहीं है

 एक यूनिट रक्त से चार लोगों की जान बचाई जा सकती है।

02-Oct-2020

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