इंद्रावती बचाओ जनजागरण अभियान ने 81 दिनों तक किया श्रमदान

सोमवार से दूसरे चरण का सफाई अभियान होगा शुरू  

महापौर विधायक ने दलपत सागर सफाई करने का दिया आश्वाशन


 बस्तर की हर बड़ी समस्या का होगा समाधान - रेखचन्द

जगदलपुर 19 जनवरी 2020 -  इंद्रावती बचाओ जनजागरण अभियान के द्वारा संचालित दलपत सागर महा सफाई अभियान का सांकेतिक समापन रविवार को कर दिया गया.दलपत अभियान के सदस्यों ने क्षेत्रीय विधायक रेखचन्द जैन की मौजूदगी में महापौर सफीरा साहू को दलपत सागर के उन्नयन और सौंदर्यकरण का जिम्मा सौंपा।महपौर ने दलपत सागर को पूर्व की तरह सफाई करवाने का आश्वाशन दिया है.इंद्रावती बचाओ जनजागरण अभियान के सदस्य पिछले 81 दिनों से तालाब की सफाई में जुटे है.आईलैंड के आसपास तथा धरमपुरा जाने वाली मार्ग के किनारे प्रतिदिन सुबह 6:00 बजे से 8:00 बजे तक वृहद सफाई अभियान चलाया गया.मुख्य मार्ग के आसपास तलाब किनारे सफाई कर दिया गया था.लेकिन हाल ही में आए शीतलहर ने सागर के मध्य स्थित जलकुंभीयों को पुनः किनारे की ओर धकेल दिया .बावजूद इसके अभियान के सदस्य लगातार जलकुंभी को निकालने का काम जारी रखा अब तक सफाई अभियान में दलपत सागर से 550 ट्रक से अधिक जलकुंभी और अन्य कचरो को निकाला जा चुका है.सागर में कई प्रकार के कचरे लोगों ने फेंकें थे.उन्हें भी बाहर निकाल कर फेंका गया.81 दिनों से अनवरत चल रही अभियान को शासन प्रशासन की भी आवश्यकता थी.लिहाजा नए महापौर का इंतजार दलपत सागर के सदस्य कर रहे थे.शपथ ग्रहण उपरांत अभियान के सदस्यों ने रविवार को विधायक रेखचन्द जैन,महापौर सफीरा साहू शहर जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष राजीव शर्मा तथा वरिष्ठ पार्षद यशवर्धन राव को अभियान स्थल पर आमंत्रित किया .इस दौरान 81 दिनों तक चले अभियान की जानकारी अतिथियों को दी गई और उन्हें बताया कि दलपत सागर बस्तर की ऐतिहासिक धरोहर है और इसे बचाना बेहद जरूरी है 


                              वरिष्ठ पार्षद यशवर्धन राव ने इस दौरान कहा कि दलपत सागर अभियान में समर्पण भाव के साथ जिस तरह सदस्यों ने काम किया वह बेहद सराहनीय है.विशाल तालाब को बचाने के लिए काम करना आवश्यक था लेकिन एनजीटी के कारण कोई भी तालाब में हाथ डालना नहीं चाहता था.मगर अब एनजीटी का मामला खत्म हो चुका है.नई कार्यकारिणी इसके लिए जरूर काम करेगी और जितना जल्दी हो सके तालाब को स्वच्छ और सौंदर्यीकरण करने के लिए बेहतर योजना तैयार कारगी।

                             जिला कांग्रेस कमेटी शहर अध्यक्ष राजीव शर्मा ने दलपत सफाई अभियान की जमकर तारीफ करते हुए कहा कि दलपत सागर सफाई करने के लिए मुख्यमंत्री से चर्चा की गई है और मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ऐसे मामलों में गंभीर है उन्होंने भी इसके लिए वृहद कार्ययोजना बनाने की मंजूरी दी है.उन्होंने यह भी कहा कि नगर का सीवरेज पानी को सागर से दूर रखने शहर भर में 36 करोड़ की योजना तैयार की गई है.जल्द ही उसे अमलीजामा पहनाया जाएगा,उन्होंने कहा बस्तर की जनता हमेशा से ही धरोहर को बचाने के लिए आगे आती रही है और हम उनका सम्मान करते है. धरोहरों को संरक्षित व संवर्धित करने के लिए कांग्रेस कटिबद्ध है.दलपत सागर को बेहतर और अच्छे स्वरूप में लाने के लिए काम करेंगे.


महापौर सफिरा साहू ने कहा कि उन्हें बेहद खुशी होगी कि वे दलपत सागर के लिए काम करें,विधायक,सांसद और अधिकारियों से चर्चा कर एक बेहतर योजना तैयार की जायेगी और निश्चित रूप से दलपत सागर को शहर का एक खूबसूरत पर्यटक स्थल बनाया जायेगा.

         विधायक रेखचंद जैन ने कहा कि दलपत सागर के लिए जो कर्मठता दलपत सागर अभियान के सदस्यों ने दिखाई है तारीफ ए काबिल है 81 दिनों तक श्रमदान करना कोई मामूली बात नहीं है.प्रतिदिन सुबह उठकर  ऐतिहासिक धरोहर को बचाने के लिए श्रमदान करना बेहद सराहनीय कदम है.दलपत सागर के लिए जो भी योजनाएं बनानी पड़ेगी बनाई जाएगी.उन्होंने जानकारी दी कि जलकुंभी और कचरा को निकालने के लिए मशीन क्रय किया जा रहा है.टेंडर प्रक्रिया भी पूर्ण हो चुकी है और जल्द से जल्द मशीन लाने का प्रयास किया जाएगा.श्री जैन ने कहा कि इंद्रावती नदी को बचाने के लिए भी प्रयास करने की आवश्यकता है.मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने इंद्रावती प्राधिकरण का गठन कर दिया है और जल्द ही इस पर काम शुरू हो जाएगा.प्राधिकरण में नदी के जानकार लोगों को भी सदस्य बनाया जाएगा ताकि उनके सुझाव लिये जा सकें.विधायक ने कहा की दलपत सागर अभियान और इंद्रावती बचाने के लिए जो संघर्ष सदस्यों ने किया है उसे जाया जाने नहीं देंगे.लगातार मुख्यमंत्री से वे बस्तर की समस्याओं को लेकर मिलते रहते हैं और मुख्यमंत्री भूपेश बघेल भी बस्तर की काफी चिंता करते हैं बस्तर के लोगों की जो मंशा है वह भूपेश सरकार जरूर पूरा करेगी. दलपत सागर और इंद्रावती नदी को बचाने के लिए हर संभव प्रयास किया जाएगा.

           पद्मश्री धर्मपाल सैनी ने इस अवसर पर कहा की जलवायु परिवर्तन शब्द अब धीरे-धीरे खत्म होता जा रहा है और नए नए शब्द सामने आ रहे हैं निश्चित तौर पर तालाब अब खत्म होते जा रहे हैं कंक्रीट के जंगल तैयार हो रहे हैं मगर हमें तालाबों को भी बचाना बेहद जरूरी है इसके रहने से ना केवल नगर,गांव,शहर का सौंदर्य बढ़ता है अपितु वाटर हार्वेस्टिंग भी बना रहता है. वरिष्ठ सदस्य उर्मिला आचार्य ने इस अवसर पर कहा की अभियान के सदस्यों ने पूरी कर्मठता के साथ अभियान में एकजुटता दिखाई और अब सब की यही मांग है कि हमारे जनप्रतिनिधि बस्तर कि इन समस्याओं, मुद्दों को जल्द से जल्द पूरा करें.क्योंकि बस्तर को हमे ही बचाना है.जब तक हम सब यह निश्चित न करें कि क्या होना चाहिए तब तक कुछ कहा या किया नहीं जा सकता.

                              अभियान से जुड़े अनिल लुंकड़ ने कहा कि अभियान का एकमात्र उद्देश्य बस्तर के धरोहरों को संरक्षित करने का है इसके लिए दलपत सागर अभियान के सदस्यों ने लगातार काम किया.उसका ही नतीज

 

 

19-Jan-2020

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