रायपुर : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी चुनाव प्रचार के लिए आज छत्तीसगढ़ दौरे पर आ रहे हैं वे कोरबा और भाटापारा में चुनावी सभा को संबोधित करेंगे पीएम मोदी के आने से पहले आज प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने मोदी सरकार पर निशाना साधा है उन्होंने अपने प्रेस कांफ्रेंस में कहा कि - पीएम मोदी ने राज्य को कुछ नहीं दिया। जिससे राजस्व को भारी नुकसान हुआ और आर्थिक बोझ बढ़ता रहा नरेंद्र मोदी के लिए पीएम बनना घाटे का सौदा रहा। उनकी नीतियों के कारण किसानों को नुकसान उठाना पड़ा। सीएम ने आगे कहा कि - मोदी सरकार के दौरान कई योजनाओं को बंद कर दिया गया या तो कटौती कर दी गई कांग्रेस की सरकार आएगी तो प्रदेश की जनता के हितों का ध्यान रखा जाएगा।

पत्रवार्ता के मुख्य बिंदु

मोदी सरकार ने छत्तीसगढ़ के कोयला खदानों को नीलाम करने की जगह आवंटित करने का जो फ़ैसला किया है, वह छत्तीसगढ़ के लिए बहुत नुक़सान दायक साबित हो रहा है. पहले तो 42 कोल ब्लॉकों के आवंटन रद्द किए गए फिर उनमें से सिर्फ़ 14 का आवंटन हो सका है. अगर पहले वाली व्यवस्था होती तो राज्य को न्यूनतम 2500 रुपए प्रति टन रॉयल्टी मिलती लेकिन केंद्र सरकार ने इसे घटाकर मात्र सौ रुपए कर दिया है.

इससे आगामी तीस वर्षों में राज्य को नौ लाख करोड़ (यानी नौ वर्षों के बजट के बराबर) के राजस्व की हानि होगी. अगर यह राशि हमें मिलती तो छत्तीसगढ़ ग़रीब राज्य से एक आत्मनिर्भर संपन्न राज्य बन सकता था. कांग्रेस के नेतृत्व वाली यूपीए सरकार के दस वर्षों में (2004-2014) छत्तीसगढ़ से शुरु होने वाली और छत्तीसगढ़ के गुज़रने वाली नई ट्रेनों की संख्या 110 थी. लेकिन मोदी जी के पांच साल के कार्यकाल में छत्तीसगढ़ को मिलने वाली ट्रेनों की संख्या 25 से भी कम है. इससे अंदाज़ा लगता है कि छत्तीसगढ़ के साथ कितना अन्याय हुआ है.

मोदी सरकार ने राज्य में अनुदान से चलने वाली संस्थाओं को खाद्यान्न देना बंद करने की घोषणा की है. इससे बहुत से छात्रावास, वृद्धाश्रम जैसी कल्याणकारी संस्थाओं को मिलने वाला खाद्यान्न अब नहीं मिल पा रहा है.  इसी के चलते छत्तीसगढ़ के दाल भात सेंटर बंद करने पड़े हैं. यह मोदी सरकार का छत्तीसगढ़ के ग़रीबों के खिलाफ़ एक और षडयंत्र है.

 
16-Apr-2019

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