पत्थलगांव। पत्थलगांव क्षेत्र मे सामान्य वर्ग विशेष द्वारा आदिवासियों की जमीनों को राजस्व अधिकारी व कर्मचारियो ंके साथ सांठगांठ करते हुए फर्जी तौर पर 170 ख रजिस्ट्री करने का खेल बदस्तुर जारी हैं।हाल मे ही एक मामले मे राष्ट्रिय अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष श्री नंद कुमार साय ने संज्ञान मे लिया है इस संबध मे मिली जानकारी के मुताबिक आयोग के समक्ष बिते दिनों शिकायत के आधार पर आयोग ने निर्देश दिया कि गरीब आदिवासी कृषक के स्वामित्व अधिकार एवं कब्जे की पैतृक कृषि व मकान भूमि को शासन से वापस दिलाकर न्याय प्रदान किया जाए। गौरतलब हो कि आयोग के समक्ष पुरानी बस्ती निवासी जगेश्वर सिदार ने आरोप लगाया था कि गैर आदिवासी अरूण अग्रवाल के द्वारा मेरी कृषि भूमि को अवैध रूप से क्रय लिया गया है इस मामले को लेकर आयोग ने जांच के निर्देश दिए है। वहीं दुसरे मामले मे पुरानी बस्ती निवासी देवसाय सिदार ने आयोग के समक्ष शिकायत किया था कि गैर आदिवासी अरूण अग्रवाल के द्वारा मेरी कृषि भूमि को अवैध रूप से क्रय लिया गया है इस मामले मे भी आयोग ने बिते 24 नवंबर को स्थानीय विश्राम गृह मे संबधित अधिकारियों के समक्ष जांच शुरू किया गया जिसमे आगामी दिनो मे निर्णय आना बाकि है। यह बताना लाजमी होगा कि आदिवासियों की जमीन पर चाहे कितना भी पुराना गैर आदिवासियों का कब्जा है यदी संबधित पीड़ित परिवार उस पर हक जताता है तो आदिवासियों को जमीन वापस मिलने का प्रवाधान है एंव गलत नियत से आदिवासियों को बरगलाकर उनकी जमीन पर अवैध कब्जा करने वाले गैरआदिवासियों पर कार्रवाही का भी प्रावधान है। यहां यह बताना लाजमी है कि पत्थलगांव मे कुछ चिन्हीत सामान्य वर्ग के लोगों द्वारा आदिवासियों की जमीनों पर बुरी नियत रखते हुए 170 ख के तहत रजिस्ट्री कराते हुए बेनामी सम्पती अर्जित कर सैकड़ों एकड़ जमीनों का संग्रह कर लिया गया है। हांलाकि कई मामलों मे इस तरह की रजिस्ट्री अपने गुर्गे के नाम पर की गई परंतु यह भी एक सवाल है एक ही गुर्गे जो आदिवासी है वह अभी बेरोजगार भी है उसका उम्र भी कुछ खास नही हुआ है ऐसे मे इधर तीन चार वर्षो के अंतराल मे इतनी अधिक मात्रा मे जमीन की रजिस्ट्री उस गुर्गे के नाम से कैसे हो गई उसके पास आखिर इतना पैसा कहां से आया यह अपने आप मे शोध का विषय है। 
आखिर क्या वजह है कि दिन दुनी रात चौगनी बढ़ रही बेनामी सम्पती
विदीत हो कि पत्थलगांव राजस्व विभाग के कर्मचारियों के साथ सांठगांठ करते हुए चिन्हीत सामान्य वर्ग के लोगों द्वारा फर्जी तौर पर नियमो को दरकिनार कर 170 ख का केस चलाकर महीने भर पुर्व आदिवासियों से स्टाम्प मे खरीदी कि गई जमीन को रजिस्ट्री कर दिया जा रहा है इसी का नतीजा है कि पत्थलगांव जशपुर मार्ग मे अधिकांश अदिवासी की जमीन पर एक विशेष भुमफिया का कब्जा बना हुआ है। 

श्यामनारायण गुप्ता 

 

17-Oct-2018

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