कादिर रिजवी कांसाबेल (जशपुर )

एक वर्ष पहले जब बटाइकेला में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र खोला गया था तब यहाँ के ग्रामीणों में उत्साह का माहौल था क्योंकि उन्हें इस अस्पताल से काफी उम्मीदें थी कि अब उनका भी इलाज  यहाँ कभी भी हो पाएगा लेकिन आज एक वर्ष बीत जाने के बाद भी इस प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में एक भी डॉक्टर नहीं हैं यहाँ केवल स्टाफ के नाम पर 6 लोग हैं और इस अस्पताल में केवल सर्दी,खांसी, बुखार का ही इलाज हो रहा है पूरा हॉस्पिटल भगवान भरोसे चल रहा है। सारे स्टॉप बाहर से आते है एक भी स्टॉप हॉस्पिटल या ग्राम के मुख्यालय में नही रहते किसी ऑफिस के टाइम टेबल की तरह यहाँ के स्टाफ 9 बजे से 4 तक रहते  हैं और 4 बजे के बाद वे सारे स्टॉप कांसाबेल चले जाते हैं वे वहां रूम लेकर रहते हैं कभी इमरजेंसी केस जैसे प्रसव, डिलेवरी के लिए रात में आम जनता क्या करें इसका जवाब किसी के पास नहीं हैं सवाल यह है कि जब यहाँ आलीशान हॉस्पिटल बनाया गया है सारी सुविधा युक्त है उसके बाद भी ग्रामीण धक्के खाकर कांसाबेल 12 किलोमीटर या कुनकुरी 40 किलोमीटर किराए की गाड़ी करके जान जोखिम में डालकर इलाज कराने को मजबूर है। हॉस्पिटल को खुले अब 1 साल होने को है पर अभी तक एक भी MBBS डॉक्टर उपलब्ध नही कराया गया है। ऐसा लगता है जैसे किसी बड़ी दुर्घटना का इंतजार है उसके बाद ही शायद इस हॉस्पिटल को डॉक्टर उपलब्ध कराया जाएगा तब तक दुनिया की तरह शायद हॉस्पिटल भी राम भरोसे चलेगी लेकिन अब लगता है जैसे जल्द ही यहाँ के ग्रामीणों का गुस्से का बांध टूट सकता है।

 
 
 
03-Oct-2018

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