सूरजपुर : मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने प्रदेशव्यापी अटल विकास यात्रा के दौरान सूरजपुर जिले के ग्राम सिलफिली, में स्थापित ‘पिलखा क्षीर’ प्रसंस्करण इकाई का लोकार्पण कर इसे क्षेत्र की जनता को समर्पित किया।  डॉ. सिंह ने इस अवसर पर कहा कि सब्जी उत्पादन में अव्वल सिलफिली क्षेत्र अब दूध उत्पादन में अपनी एक नई पहचान बना रहा है। किसानों को बेहतर दाम और दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए ही जिला प्रशासन द्वारा जिला खनिज न्यास निधि की लगभग दो करोड़ 46 लाख रूपए की लागत से ‘पिलखा क्षीर’ यूनिट स्थापित की गई है। इस दुग्ध प्रसंस्करण इकाई से क्षेत्र के दुग्ध उत्पादक किसानों के लिए समृद्धि और खुशहाली का एक नया मार्ग खुलेगा। उन्होंने कहा कि इस केन्द्र से महिला स्व सहायता समूहों की एक हजार से अधिक महिलाओं को स्वरोजगार प्राप्त हो रहा है। आस-पास के दर्जनों गांव के सैकड़ों किसानों को अब इस प्रसंस्करण इकाई के माध्यम से दूध के वाजिब दाम मिल  रहा है।

उल्लेखनीय है कि पिलखा क्षीर प्रसंस्करण इकाई में पनीर, खोवा, छाछ, दूध, घी , मक्खन, दही बनाया जा रहा है। फिलहाल क्षेत्र के 500 दुग्ध व्यवसाय से जुड़े किसान इस यूनिट से जुड़े हुए हैं जिनमें से 300 किसान क्षेत्र में बनाये गए 10 संग्रहण केंद्रों में प्रतिदिन न्यूनतम 30 रूपए प्रति लीटर कीमत पर दूध जमा कर रहे हैं। आगे आने वाले दिनों में  क्षेत्र के और भी किसानों को जोड़ने की योजना है। 

स्वागत सभा के बाद जब मुख्यमंत्री डॉ. सिंह रथ की ओर जाने लगे तो बच्चियों ने मुख्यमंत्री से सेल्फी लेने का आग्रह किया।  डॉ सिंह ने बच्चियों के आग्रह को स्वीकार किया और उनके साथ स्काई फोन से फोटो खिंचाई। मुख्यमंत्री ने उनसे पूछा कि आप लोगों को स्काई का फोन कैसे मिल गया, तो   कुमारी माहीबाला ने बताया कि उन्हें नही बल्कि उनकी माँ को यह फोन मिला है, जिसे मांगकर वे लोग लाये हैं। शासकीय हाईस्कूल सिलफिली की छात्राओं कुमारी माहीबाला, मिताली राय और पुष्पा राय ने स्काई फोन से मुख्यमंत्री के साथ सेल्फी ली। 

    डॉ. सिंह ने सिलफिली और तिलई कछार में आयोजित स्वागत सभा को संबोधित किया। उन्होंने सिलफिली में मंगल भवन निर्माण के लिये 15 लाख रूपये की स्वीकृति प्रदान करने की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने स्वागत सभा में कहा कि यह विकास यात्रा जनता के विश्वास और जनता से आशीर्वाद लेने की यात्रा है। इसे मैं तीर्थ यात्रा के समान पवित्र मानता हूं। उन्होंने कहा कि एक नवम्बर से प्रदेश में समर्थन मूल्य पर धान की खरीदी शुरू होगी। किसानों को समर्थन मूल्य के साथ धान के बोनस का भी एक साथ भुगतान किया जाएगा। उन्होंने कहा कि विधानसभा का विशेष सत्र बुलाकर धान बोनस के लिए 2400 करोड़ रूपए की व्यवस्था की गई है। इस वर्ष अच्छी बारिश होने से धान की फसल खेतों में लहलहा रही है। एक अनुमान के मुताबिक इस वर्ष लगभग 80 लाख मीटरिक टन धान की खरीदी समर्थन मूल्य पर किया जाएगा। इस अवसर पर गृह मंत्री श्री रामसेवक पैकरा और लोकसभा सांसद श्री कमलभान सिंह भी उपस्थित थे। 

 
 
 
20-Sep-2018

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