दंतेवाड़ा : राष्ट्रपति श्री रामनाथ कोविंद आज मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के साथ छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले के ग्राम हीरानार में वनवासी कल्याण आश्रम के बच्चों से मिले वहां के बच्चों के तीरंदाजी कौशल को देखकर प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने बच्चों को शाबाशी दी साथ ही आश्रम के बच्चों के साथ बैठकर दोपहर का भोजन किया। उन्होंने भोजन शुरू करने के पहले बच्चों के साथ प्रार्थना भी की। मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने भी राष्ट्रपति और आश्रम के बच्चों के साथ भोजन किया। सभी लोगों को दोना-पत्तल में भोजन परोसा गया। श्री कोविंद आश्रम के बच्चों के लिए अपने साथ राष्ट्रपति भवन से मिठाई लेकर आए थे। उन्होंने मिठाई खिलाकर बच्चों को शुभकामनाएं दी। राष्ट्रपति ने आश्रम में कम्प्यूटर लैब स्थापना की भी घोषणा की। श्री कोविंद आश्रम में वैदिक गणित की पढ़ाई और तीरंदाजी प्रशिक्षण को देखकर प्रसन्नता व्यक्त की। उनके साथ मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह और स्कूल शिक्षा तथा आदिम जाति विकास मंत्री श्री केदार कश्यप भी मौजूद थे। 

    भोजन के दौरान श्री कोविंद ने विद्यार्थियों को जीवन में सफलता के लिए बड़े लक्ष्य निर्धारित करने और उन लक्ष्यों तक पहुंचने के लिए कड़ी मेहनत करने की सलाह दी। राष्ट्रपति ने कहा-प्रत्येक व्यक्ति को अपने जीवन में कामयाबी के लिए सपने देखना चाहिए और दृढ़ इच्छाशक्ति के साथ उन सपनों को पूरा करने का प्रयास करना चाहिए। राष्ट्रपति ने भोजन के दौरान विद्यार्थियों से सामान्य ज्ञान की भी कई बातें पूछी और उनका सही जवाब मिलने पर बच्चों को शाबाशी दी। 

    श्री कोविंद ने आश्रम की छात्रावास व्यवस्था और वहां बच्चों की शिक्षा आदि के लिए दी जा रही सुविधाओं के बारे में भी पूछा। वनवासी कल्याण आश्रम पहुंचने पर वहां के विद्यार्थियों और शिक्षकों ने उनका परम्परागत रूप से आत्मीय स्वागत किया। राष्ट्रपति ने यह जानकर खुशी जताई कि आश्रम में वैदिक गणित की भी पढ़ाई हो रही है और बच्चों को तीरंदाजी का भी प्रशिक्षण दिया जा रहा है। श्री कोविंद ने वैदिक गणित की कक्षा और तीरंदाजी प्रशिक्षण का भी अवलोकन किया।  इस अवसर पर राष्ट्रपति की धर्मपत्नी श्रीमती सविता कोविंद सहित अनेक वरिष्ठजन मौजूद थे। 

राष्ट्रपति श्री रामनाथ कोविंद ने हीरानार में देखा समन्वित कृषि मॉडल

राष्ट्रपति श्री रामनाथ कोविंद ने आज यहां हीरानार के फूलसुंदरी जैविक कृषि प्रक्षेत्र में समन्वित कृषि प्रणाली के मॉडल और कड़कनाथ हब का अवलोकन किया। उन्होंने यहां कड़कनाथ प्रजाति के मुर्गियों का पालन कर रहीं स्वसहायता समूह की महिलाओं से बात कर उनके व्यवसाय और आमदनी के बारे में जानकारी ली। राष्ट्रपति यहां गौपालन करने वाले दो किसानों श्री बोमड़ाराम कश्यप और श्री राजेश कश्यप से भी मिले। राष्ट्रपति के साथ उनकी पत्नी श्रीमती सविता कोविंद, मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह, आदिम जाति कल्याण मंत्री श्री केदार कश्यप एवं मुख्य सचिव श्री अजय सिंह ने भी फूलसुंदरी जैविक कृषि प्रक्षेत्र का भ्रमण किया। 

    राष्ट्रपति श्री रामनाथ कोविंद ने मुर्गीपालन करने वाली माता फूलसुंदरी स्वसहायता समूह की दो महिलाओं श्रीमती आसमती आर्य और श्रीमती भारती लेखामी से बात कर इस काम से उन्हें हो रही आमदनी और समूह की अन्य महिलाओं के बारे में पूछा। श्रीमती आसमती आर्य ने राष्ट्रपति को बताया कि पिछले दस माह में कड़कनाथ मुर्गी से उन्हें करीब एक लाख 40 हजार रूपए की कमाई हुई है। उनके समूह में 11 सदस्य हैं। मुर्गीपालन से हुई कमाई से समूह की हर महिला को सात-सात हजार रूपए बांटे गए हैं। शेष रकम व्यवसाय को आगे बढ़ाने के लिए उनके समूह के बैंक खाते में जमा है।

      राष्ट्रपति श्री कोविंद ने गौपालक श्री बोमड़ाराम कश्यप से उनकी पारिवारिक स्थिति, उनके काम और बच्चों के बारे में पूछा। इस पर श्री कश्यप ने राष्ट्रपति को बताया कि उनके चारों बच्चे स्कूल जाते हैं। वे पिछले पांच-छह महीनों से यहां जैविक कृषि प्रक्षेत्र में गौपालन कर रहे हैं। गिर और साहीवाल नस्ल की पांच गायों से रोज 30 लीटर दूध मिल रहा है। इस काम से उनकी आर्थिक स्थिति तेजी से सुधर रही है। राष्ट्रपति ने यहां दंतेवाड़ा जिले में पैदा हो रहे विभिन्न जैविक उत्पादों के स्टॉल को भी देखा। अधिकारियों ने उन्हे स्थानीय स्तर पर जैविक खेती से उपजाए गए खूशबूदार चावल लोकटी माछी, दूबराज, जवांफूल और सब्जियों के साथ ही अलग-अलग तरह के शहद उत्पादों की जानकारी दी।

राष्ट्रपति ने यहां राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन ‘बिहान’ में काम रहीं महिला स्वसहायता समूहों की करीब 300 महिलाओं से चर्चा की। उन्होंने महिलाओं से कहा कि वे अपने बच्चों की शिक्षा पर खास ध्यान दें। शिक्षा से ही उन्हें जीवन में आगे बढ़ने के अच्छे अवसर मिलेंगे। परिवार छोटा होने से बच्चों की अच्छी परिवरिश और शिक्षा में सहूलियत होती है। राष्ट्रपति ने महिला समूहों की मांग पर प्रक्षेत्र के लिए एक बड़े आकार की एल.ई.डी. टीवी देने की घोषणा की।  

ग्राम हीरानार में किसान लुदरूराम नाग ने राष्ट्रपति को जैविक खाद से की जा रही धान की खेती के बारे में बताया और उन्हें जैविक खेती से तैयार चावल ‘आदिम’ का पैकेट भेंट किया। मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने राष्ट्रपति को दंतेवाड़ा जिले में जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए चल रहे प्रकल्पों की जानकारी दी। उल्लेखनीय है कि राज्य सरकार द्वारा जैविक खेती को प्रोत्साहित करने के लिए दंतेवाड़ा जिले में किसानों को हर प्रकार की सहायता दी जा रही है। इसी कड़ी में वहां के किसानों ने अपनी कंपनी बनाकर जैविक खेती से तैयार चावल को ब्रांड नेम ‘आदिम’ के नाम से बाजार में उतारा है, जिसे ग्राहकों का अच्छा प्रतिसाद मिल रहा है। जिले के कई किसान धान की खुश्बूदार प्रजाति ‘लोकटी माछी’, जवाफूल और दूबराज की भी खेती कर रहे हैं। 

25-Jul-2018

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