रायपुर : मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने कल एक नवम्बर को छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस 2017 के अवसर पर जनता का हार्दिक अभिनंदन करते हुए सभी लोगों को बधाई और शुभकामनाएं दी है। उन्होंने राज्योत्सव के शुभारंभ की पूर्व संध्या पर आज यहां प्रदेशवासियों के नाम जारी बधाई संदेश में कहा है कि नये छत्तीसगढ़ राज्य ने देखते ही देखते स्थापना के 17 वर्ष पूर्ण कर लिए हैं और अब राज्य अपनी विकास यात्रा के 18वें वर्ष में प्रवेश कर रहा है। 

डॉ. सिंह ने कहा - राज्य निर्माण की तरह उसका स्थापना दिवस भी हम सबके लिए एक ऐतिहासिक और यादगार प्रसंग होता है। नये राज्य ने तरक्की के अनेक नये कीर्तिमान स्थापित किए हैं। उन्होंने कहा - इसका श्रेय प्रदेश की ढाई करोड़ से ज्यादा जनता की मेहनत को दिया जाना चाहिए। यह खुशी की बात है कि राज्य के विकास में भागीदारी के लिए प्रदेशवासियों में भारी उत्साह देखा जा रहा है और सब लोग अपने-अपने कार्य क्षेत्र में इसके लिए काफी परिश्रम कर रहे हैं। 

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मुख्यमंत्री ने कहा - तत्कालीन प्रधानमंत्री श्री अटल बिहारी वाजपेयी ने छत्तीसगढ़ अंचल को क्षेत्रीय असंतुलन और पिछड़ेपन की पीड़ा से मुक्ति दिलाने के लिए यहां की जनभावनाओं के अनुरूप राज्य निर्माण किया और अपना वादा निभाया। इस वजह से श्री अटल बिहारी वाजपेयी प्रदेशवासियों के बीच छत्तीसगढ़ राज्य निर्माता के रूप में लोकप्रिय हैं। डॉ. सिंह ने कहा छत्तीसगढ़ को राज्य का दर्जा दिलाने के लिए यहां के अनेक महान नेताओं, स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों, साहित्यकारों और कलाकारों ने अपने-अपने कार्य क्षेत्र में अपने-अपने ढंग से जनमत निर्माण में ऐतिहासिक योगदान दिया।

 सामाजिक जागरण और भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में छत्तीसगढ़ की अनेक विभूतियों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, जिनमें बाबा गुरू घासीदास, अमर शहीद वीरनारायण सिंह, अमर शहीर गुण्डाधूर भी शामिल हैं। राज्य निर्माण के लिए जनमत बनाने में पंडित सुंदरलाल शर्मा, ठाकुर प्यारेलाल सिंह, डॉ. खूबचंद बघेल सहित कई महान नेताओं की रचनात्मक भूमिका को हम सब आज भी याद करते हैं। डॉ. रमन सिंह ने कहा - प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में लक्ष्य अन्त्योदय, पथ अन्त्योदय और प्रण अन्त्योदय की भावना के अनुरूप केन्द्र सरकार की विभिन्न योजनाओं के जरिये छत्तीसगढ़ के सामाजिक-आर्थिक विकास में और भी अधिक तेजी आयी है। 

मुख्यमंत्री ने कहा - राज्य निर्माण के विगत 17 वर्षाें में छत्तीसगढ़ राज्य ने शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, सिंचाई, बिजली, पेयजल आदि  विकास के हर क्षेत्र में शानदार प्रगति की है। प्रदेश की प्रथम निर्वाचित सरकार ने अपने निरंतर जारी कार्यकाल के पांच हजार दिन हाल ही में पूरे किए हैं। इस दौरान विकास के कई क्षेत्रों में छत्तीसगढ़ पूरे देश में पहले नम्बर पर चल रहा है। अपने प्रदेश के लगभग 60 लाख गरीब परिवारों को भोजन का अधिकार देने के लिए वर्ष 2012 में छत्तीसगढ़ ने देश का पहला खाद्य सुरक्षा कानून बनाया। 

वर्ष 2008 में छत्तीसगढ़ भारत का पहला विद्युत कटौती मुक्त राज्य बना। यह भारत का पहला राज्य है जिसने अपने युवाओं को कौशल उन्नयन का कानूनी अधिकार दिया। इसी तरह बालिकाओं के लिए स्नातक कक्षाओं तक निःशुल्क शिक्षा की व्यवस्था करने, कॉलेजों के विद्यार्थियों को शिक्षा दृष्टि से उपयोगी लैपटाप और कम्प्यूटर टेबलेट वितरण करने, प्रदेश के सभी परिवारों को आमदनी के बंधन से परे सालाना 50 हजार रूपए तक स्वास्थ्य बीमा की सुविधा देने के मामले में भी छत्तीसगढ़ देश का अव्वल राज्य है। इतना ही नहीं बल्कि यह भारत का पहला राज्य है, जो सामाजिक क्षेत्र की योजनाओं में सर्वाधिक राशि खर्च कर रहा है। 

डॉ. रमन सिंह ने कहा - मुख्यमंत्री बाल हृदय सुरक्षा योजना के जरिये राज्य के हजारों बच्चों को हृदय रोग से मुक्ति मिली है। किसानों से धान खरीदी की सर्वोत्तम व्यवस्था छत्तीसगढ़ राज्य में की गई है। उन्हें सिंचाई के लिए कृृषक जीवन ज्योति योजना के तहत सालाना 7500 यूनिट तक बिजली निःशुल्क दी जा रही है। नई पीढ़ी के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ सरकार ने डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम शिक्षा गुणवत्ता अभियान शुरू किया है। कृषि उत्पादन में वृद्धि के लिए छत्तीसगढ़ को केन्द्र सरकार के लिए वर्ष 2011 से वर्ष 2016 के बीच चार कृषि कर्मण पुरस्कार प्राप्त हुए है।

 

31-Oct-2017

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