मंगलुरू : पुलिस ने केरल निवासी 24 वर्षीय हिंदू लड़की को बचाया है, जिसे पिछले दो साल से मंगलूरु में एक किराए के घर में उसकी मां ने कथित रूप से मुस्लिम से प्‍यार करने पर बंधक बना कर रखा था। आरोप है कि उसकी मां ने मंगलूरु स्थित एक किराए के मकान में उसे पिछले दो साल से कैद करके रखा था। पीड़िता का कहना है कि एक मुस्लिम युवक से रिश्ते होने की वजह से उसकी मां ने ऐसा किया और इस काम में उसकी कुछ भाजपा नेताओं ने उसकी मदद की।
मंगलुरू पुलिस ने केरल पुलिस की सूचना पर 1 मई को पीड़िता को आजाद कराया। लड़की त्रिशूर में गुरुवायूर की मूल निवासी है। मंगलुरू डीसीपी उमा प्रसाद ने कहा कि लड़की को उसकी मां की हिरासत से बचाया गया है। उसको अदालत के समक्ष पेश किया गया था, जिसके मां के साथ जाने से इनकार करने के बाद उसे रेस्क्यू होम में भेज दिया गया। हमने इस मामले में उसकी मां को गिरफ्तार कर लिया है, पुलिस इस मामले में दूसरों की भागीदारी की तलाश कर रही हैं।
हाल ही में जारी वीडियो में अंजली के सहायता मांगने वाले वीडियो को भेजने के बाद शनिवार को यह घटना सामने आई। क्लिप में, उसको यह कहते हुए सुना गया कि उसका आखिरी वीडियो हो सकता है। मेरे पास भागने का कोई रास्ता नहीं है। अगर कल मेरे साथ कुछ भी होता है, तो मेरी मां इसके लिए ज़िम्मेदार होगी।
मुस्लिम से प्यार करने के लिए पिछले दो साल से मुझे काफी नुकसान हुआ है। मुझे दो महीने तक मानसिक उपचार के लिए अमृता अस्पताल में भर्ती कराया गया। उसके बाद दो महीने के लिए मैं आरएसएस द्वारा चलाए गए अनाथालय में रही। मैं पिछले कई महीनों से यहां हूं। मैं इस स्थिति में निराश हूं क्योंकि किसी ने मुझे बचाने के लिए हस्तक्षेप नहीं किया है।
अंजलि के अनुसार, वह 28 वर्षीय अपने बचपन के दोस्त युवक से प्यार करती थीं, जो पोल्ट्री फार्म चलाता हैं। उन्होंने कहा, अगस्त 2016 में उनकी मां को उनके संबंध के बारे में पता चलने के बाद यह परेशानी शुरू हुई। उसी रात, उसे खुद के रिश्तेदारों द्वारा यातना दी गई। जल्द ही उसे मानसिक उपचार के लिए कोच्चि के एक अस्पताल में स्थानांतरित कर दिया गया।
उन्होंने मानसिक बीमारी के इलाज के संबंध में प्रमाणपत्र तैयार किया। लड़की के दोस्त ने कहा कि वह अंजलि को रिहा कराना चाहते थे। अंजली की हिरासत 2016 में केरल उच्च न्यायालय ने उसकी मां को दी थी लेकिन अब वह अपनी मां के साथ नहीं जाना चाहतीं। अंजली की मां विनीता टिप्पणी के लिए उपलब्ध नहीं थीं।

 

07-May-2018

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