खैरागढ़ उप चुनाव की जीत में भूपेश का जादू चला  सरकार की योजनाओँ ने जीत दिलाने में अहम् भूमिका निभाई है छत्तीसगढ़ राज्य का खैरागढ़ विधानसभा जोकि राजघराने के अधिकार क्षेत्र में माना जाता था जहाँ यूवराज देव्रत सिंह के निधन के बाद खाली हुए विधान सभा सीट पर उप चुनाव की घोषणा के बाद से  ये लगातार कयास लगाया जा रहा था की राजनाँदगाँव जिले और संसदीय क्षेत्र के अंतर्गत आने वाला यह क्षेत्र डॉ रमन सिंह के वर्चस्व वाला क्षेत्र समझा जाता रहा है क्योकि डॉ रमन सिंह और उनके पुत्र अभिषेक सिंह इन्ही लोकसभा क्षेत्र से लगातार संसद में गए है और अभी भी यहाँ के सांसद सन्तोष पाण्डेय है जो की BJP से है इतना सब कुछ होने के बाद भी कोंग्रस की यहाँ बड़ी जीत तो यही कहती है की खैरागढ़ में वर्तमान कांग्रेस सरकार की योजनाओ का कमाल और भूपेश बघेल का कुशल नेतृत्व ही जीत का कारण बना है ! 
यहाँ से जीती कांग्रेस प्रत्याशी यशोदा वर्मा खैरागढ़ में कांग्रेस की ब्लॉक अध्यक्ष हैं वह राजनांदगांव जिला पंचायत की सदस्य भी रह चुकी हैं इसके अलावा वह पंचायत सदस्य और अपने गांव में सरपंच रह चुकी हैं। इस उप  चुनाव से ये तो समझ में आ रहा है की आगामी 2023 के विधानसभा चुनाव में छत्तीसगढ़ में होने वाले चुनाव में इस  विधानसभा चुनाव में उपचुनाव का असर दिख सकता है कांग्रेस सरकार की योजनाए जनता के
बीच लोकप्रिय रही है वही खैरागढ़ को  जिला बनाने की घोषणा का भी असर हुआ है. अब इंतजार भी ख़त्म जीत के बाद ही भूपेश बघेल ने अपनी  घोषणाओं को अमली जामा पहना दिया   उपचुनाव में जीत के बाद मुख्यमंत्री ने खैरागढ़-छुईखदान-गंडई को जिला बनाने, साल्हेवारा को पूर्ण तहसील और जालबांधा को उपतहसील का दर्जा देने की घोषणा की है। खैरागढ़-छुईखदान-गंडई छत्तीसगढ़ का 33वां जिला होगा।

खैरागढ़ विधानसभा क्षेत्र में दो लाख 11 हजार 516 मतदाता हैं। जिसमें पुरुष मतदाताओं की संख्या एक लाख छह हजार 266 तथा महिला मतदाता एक लाख पांच हजार 250 हैं। क्षेत्र में सुचारू रूप से मतदान के ​लिए 291 मतदान केंद्र बनाए गए थे। खैरागढ़ उपचुनाव के लिए भाजपा ने एक बार फिर पूर्व विधायक कोमल जंघेल को चुनाव मैदान में उतारा था, जबकि कांग्रेस ने महिला उम्मीदवार यशोदा वर्मा पर भरोसा जताया था। जंघेल और वर्मा दोनों अन्य पिछड़ा वर्ग के लोधी जाति से हैं। खैरागढ़ क्षेत्र में लोधी जाति की संख्या अधिक है। जनता कांग्रेस ने उपचुनाव के लिए वकील और खैरागढ़ राजपरिवार के दामाद नरेंद्र सोनी को अपना उम्मीदवार बनाया था।
जोगी कांग्रेस के प्रत्याशी नरेंद्र सोनी 1222 वोट प्राप्त कर जमानत बचाने में नाकाम रहे. कांग्रेस की प्रत्याशी यशोदा वर्मा को कुल 87879 वोट मिले हैं. बीजेपी के प्रत्याशी कोमल जंघेल ने 67703 मत प्राप्त किए.  मतदाताओं ने जोगी कांग्रेस से ज्यादा नोटा पर बटन दबाए. विधानसभा उपचुनाव  में 18 राउंड की गिनती पूरा होने के बाद बीजेपी उम्मीदवार कोमल जंघेल बाहर निकल गए. उन्होंने जनता के निर्णय को स्वीकार किया है. हालांकि उन्होंने बे बुनियाद आरोप जरूर  लगाया कि छत्तीसगढ़ सरकार ने शराब, साड़ी और रुपयों के बल पर चुनाव लड़ा.लेकिन यहाँ जीत अच्छी योजनाओ की और साम्प्रदायिकता के मुखर विरोध की हुई है भाजपा खैरागढ़ में भी धर्म का कार्ड खेलने का प्रयास करती रही है लेकिन सफल नहीं हो पाई इनके नेता केवल अपने भाषणों में जहर उगलते रहे लेकिन खैरागढ़ की जनता ने इन्हे अन सुना कर दिया और  तपती धूप के बीच जमकर वोट बरसते रहे । सुबह सात बजे से ही मतदान केंद्रों में मतदाताओं की भीड़ लगनी शुरू हो गई थी। शाम पांच बजे गेट बंद होने के पहले 77 प्रतिशत मतदान हो चुका था। कुल 77.88 फीसद मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। छिटपुट विवादों को छोड़ चुनाव शांतिपूर्ण संपन्ना हुआ। ईवीएम को कमला कालेज में बनाए गए स्ट्रांग रूम में जमा करा दिया गया। 16 अप्रैल को कृषि उपज मंडी परिसर स्थित राज्य बीज निगम के गोदाम में मतगणना कराई जाएगी। विधायक देवव्रत सिंह के निधन के बाद यहां उपचुनाव कराया गया।
खुलासपोस्ट टीम 

 

 

24-Apr-2022

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