तौसीफ़ क़ुरैशी, लखनऊ 

स्वतंत्रता सेनानी को भी कर दिया एक जाति तक सीमित, जाट राजा के सहारे यूपी में चुनावी नैया पार करेगी भाजपा!

राज्य मुख्यालय लखनऊ। मोदी की भाजपा का यह रिकॉर्ड रहा है कि वह चुनाव जीतने के लिए शाम दाम दण्ड भेद का इस्तेमाल करने से गुरेज़ नहीं करती हैं वह हर उस हथकंडे को अपनाती हैं जो उसे जीत की दहलीज़ पर ले जाता हो।

तीन कृषि कानूनों से नाराज किसानों को मनाने के लिए जाटों पर लगा रही जुगत पश्चिमी यूपी में जाट बिगाड़ सकते हैं सत्ता का समीकरण पीएम मोदी ने किया जाट राजा महेंद्र प्रताप सिंह राज्य विश्वविद्यालय का शिलान्यास विपक्ष ने बोला हमला, कहा ढोंग कर रही है भाजपा।यूपी विधानसभा चुनाव की आहट के साथ भाजपा का शीर्ष नेतृत्व तेजी से सक्रिय हो गया है। कृषि कानूनों से नाराज पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जाट किसानों को मनाने के लिए भाजपा ने नया दांव चला है। 

जाट राजा महेंद्र प्रताप सिंह के नाम पर आज विश्वविद्यालय का शिलान्यास कर पीएम नरेंद्र मोदी ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जाटों को संदेश देने की कोशिश की है। भाजपा नेतृत्व यह अच्छी तरह जानता है कि पश्चिमी यूपी के नाराज जाट उसका सत्ता समीकरण बिगाड़ देंगे।वहीं विपक्ष ने इसे भाजपा का ढोंग करार दिया है। तीनों कृषि कानूनों को लेकर किसान लंबे समय से आंदोलन कर रहे हैं।पश्चिमी उत्तर प्रदेश के किसानों की कमान जाट किसान नेता राकेश टिकैत ने संभाल रखी हैं जबकि कुछ लोगों का मानना है कि राकेश टिकैत सरकार के द्वारा प्रायोजित नेता है। वे लगातार धरना-प्रदर्शन के माध्यम से कृषि कानूनों को खत्म करने की मांग करने का दिखावा कर रहे हैं।

किसानों को सपा, आप और कांग्रेस समेत कई विपक्षी दलों का पूरा समर्थन भी प्राप्त है। यही नहीं पिछले दिनों मुजफ्फरनगर में हुई महापंचायत में किसानों ने भाजपा के खिलाफ वोट देने का आह्वान भी किया था। किसानों की इस अपील के बाद भाजपा का शीर्ष नेतृत्व बेहद घबराया हुआ है और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जाटों को खुश करने की जुगत में लग गया है।किसान आंदोलन को किसानों के साथ ही जाटों का भी भरपूर समर्थन मिल रहा है क्योंकि वह मूलरूप से किसान ही गौरतलब हो जब तक किसान किसान रहा तो उसकी अनदेखी करने की किसी सरकार की हिम्मत नहीं थी लेकिन अब वह 2014 से हिन्दू हो गया है यही वजह है कि वह आठ नौ महीने से सड़क पर पड़ा और उसकी सुनवाई करने वाला नहीं क्योंकि मामला नरेन्द्र मोदी के मित्रों का है अंबानी अड़ानी समूह को फ़ायदा पहुँचाने के लिए यह क़ानून लाए गए हैं समय रहते किसान समझ गया जिसके वह विरोध कर रहा है और वापसी होने तक करता रहेगा। लिहाजा आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अलीगढ़ में जाट राजा महेंद्र प्रताप सिंह राज्य विश्वविद्यालय का शिलान्यास कर जाटों को अपने पाले में करने की कोशिश की।वहीं विपक्ष ने भाजपा पर राजा महेंद्र प्रताप सिंह के नाम पर जातिवादी राजनीति करने का आरोप लगाया है।कौन हैं राजा महेंद्र प्रताप सिंह अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय की स्थापना के लिए राजा महेंद्र प्रताप सिंह ने अपनी संपत्ति दान कर दी थी लेकिन अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के इतिहास में राजा महेंद्र प्रताप सिंह को कोई स्थान नहीं मिला। 

विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर भी जो तथ्य दिए गए हैं, उसमें सैय्यद अहमद खान के योगदान का जिक्र तो है पर विश्वविद्यालय के लिए जमीन का एक बड़ा हिस्सा दान करने वाले राजा महेंद्र प्रताप सिंह का कोई उल्लेख नहीं है। यह वही राजा महेंद्र प्रताप सिंह थे जिन्होंने ब्रिटिश सरकार का विरोध किया था।वर्ष 1914 के प्रथम विश्वयुद्ध के दौरान अफगानिस्तान गए थे और 1915 में उन्होंने आजाद हिन्दुस्तान की पहली निर्वासित सरकार बनवाई थी।इन्हीं के नाम पर योगी सरकार ने विश्वविद्यालय बनवाने का ऐलान किया था। 

आजादी ही नहीं भारत के विकास की नींव रखने में भी राजा महेंद्र प्रताप सिंह का रहा।यूपी में जाटों की आबादी 6 से 8 फीसदी के करीब है जबकि पश्चिमी यूपी में यह 17 फीसदी से ज्यादा है। लोकसभा सीटों सहारनपुर, कैराना, मुजफ्फरनगर, मेरठ, बागपत, बिजनौर, गाजियाबाद, गौतमबुद्धनगर, मुरादाबाद, संभल, अमरोहा, बुलंदशहर, हाथरस, अलीगढ़, नगीना, फतेहपुर सीकरी और फिरोजाबाद में जाट वोटबैंक चुनावी नतीजों पर सीधा असर डालता है। वहीं विधान सभा की 120 सीटें ऐसी हैं जहां जाट वोटबैंक असर रखता है।राजा महेन्द्र प्रताप सिंह आजीवन सांप्रदायिकता और संकीर्ण राजनीति के विरोधी रहे व भाजपा के पूर्वगामियों की जमानत जब्त कराने वाले राजा महेन्द्र प्रताप सिंह के नाम पर नया विश्वविद्यालय बनाना भाजपाई ढोंग है जबकि उनके बनाए गुरुकुल विवि. वृंदावन को भाजपा सरकार ने नकली विवि घोषित करके उनका अपमान किया है। अखिलेश यादव, सपा प्रमुख राजा महेंद्र प्रताप सिंह को जाति के चश्मे से देखना दुर्भाग्यपूर्ण है। राजा महेंद्र प्रताप सिंह ने पहली सरकार अफगानिस्तान में बनाई थी हिंदुस्तान की और उसके प्रधानमंत्री बर्कुतुल्ला थे। ऐसे महान स्वतंत्रता संग्राम सेनानी को जाति के खांचे में रखकर भाजपा स्वतंत्रता सेनानियों के साथ घोर अन्याय कर रही है। वोटों की राजनीति के लिए भाजपा कितना गिरेगी? 

सुरेंद्र राजपूत, प्रवक्ता, कांग्रेस लोगों को गुमराह कर वोटों का फायदा लेना हो तो भाजपा राष्ट्रपति जैसे गरिमामयी संवैधानिक पद पर आसीन व्यक्ति तक की जाति का प्रचार करने से पीछे नहीं हटती। शहरों के नाम बदले लेकिन जनता की हालात बदहाल ही रही। विद्यालयों के नाम भी बदलेंगे लेकिन शिक्षा के हालात कब बदलेंगे। बुरे दिन का नाम अच्छे दिन रख कर भाजपा अपनी बीन बजा रही है। वैभव माहेश्वरी, प्रवक्ता, आप इसकी टाइमिंग गलत है। भाजपा के पास काम गिनाने के लिए कुछ नहीं है इसलिए अब वह जातिवाद की सियासत करने में जुटी हुई है। इससे अच्छा होता कि भाजपा सरकार किसानों की समस्याओं का समाधान करती। प्रदेश की जनता अब भाजपा की चालों को समझ चुकी है और वह विधान सभा चुनाव में उसको सबक सिखाएगी। अनुपम मिश्रा प्रवक्ता रालोद

15-Sep-2021

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