किसान महापंचायत मुजफ्फरनगर...

तौसीफ कुरेशी

हिन्दोस्तान के इतिहास में एक बड़ी रैली के रूप में दर्ज इस किसान रैली ने सफलता के नए झंडे गाड़ दिए हैं 5 लाख से ज़्यादा किसान जिनमे बुजुर्ग नौजवान बच्चे और महिलाएं बराबर की हिस्सेदारी कर रहे थे भारत के अनेक राज्यो से आये लाखों अनुशासित किसान, ये वही किसान थे जिनपर रालोद अध्यक्ष जयंत चौधरी हेलीकॉप्टर से फूल बरसाना चाहते थे मगर ज़िला प्रशासन ने इसलिए इजाज़त नही दी कि इससे भीड़ भड़क सकती है हालांकि ये सब जानते हैं कि ये अनुमति रद्द करने का फेंसला भीड़ के भड़कने का अंदेशा कम राजनीतिक ज़्यादा था,बहरहाल देश भर के किसान और किसान संगठन और तमाम किसान नेता एक साथ मंच और मैदान में जमा हुवे और सरकार को बखूबी दिखाया कि तमामतर सरकारी इंतजामात और बसें ट्रेन लगाकर पैसे देकर भी इतनी भीड़ इकट्ठा करना आज के दौर में नामुमकिन है |

देश भर में अबसे पहले जब प्रधानमंत्री मोदी की लोकप्रियता चरम पर थी उस दौर में भी उनकी ऐसी कोई रैली याद नही आती जिसमे इतनी भीड़ कभी इकट्ठा हुई हो जबकि  पी एम सी एम की रैलियों में तमाम परिवहन अधिकारी गाड़ियों बसों ट्रेन की लाइन लगा देते हैं और स्थानीय नेता अपने नम्बर बढ़ाने के लिए भीड़ इकट्ठा करने को ख़ज़ानों के मुह खोल देते है मगर ये भीड़ नसीब नही हो पाती |

खैर तमाम किसान नेताओं ने एक सुर में कहा कि अत्याचारी मोदी योगी सरकार को अब जाना होगा,तीनो काले कानून वापिस लेने ही होंगे उसके बगैर कोई समझौता हरगिज़ नही,वही तमाम किसान नेताओ ने कहा कि अब ऐसी महापंचायत पूरे राज्य और देश भर में होंगी किसानों के बीच जाएंगे उनको जागरूक करेंगे उनकी फसलों और उसके दामो को लेकर आंदोलन भी किये जायेंगे झुकने या रुकने का कोई सवाल ही पैदा नही होता |

उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव बहुत नजदीक हैं और ऐसे में योगी सरकार के लिए ऐसी किसान पंचायत खतरे की घंटी साबित हो सकती हैं किसानों का बदला रुख भाजपाई राजनीति को बड़ा नुकसान पहुंचा सकता है और भाजपा के जो कथित किसान नेता विधायक या मंत्री बने बैठे हैं यकीन मानिये वो ताश के पत्तो की तरह साबित होंगे जो एक पल में बिखर जाएंगे पश्चिम के गांव देहातो में हुई हाल फिलहाल की कई घटनाओं से ये साबित भी हो चुका है,वहीं किसान नेता योगेंद्र यादव ने अपने भाषण में साफ कहा कि योगी सरकार मुजफ्फरनगर में हिन्दू मुस्लिम को लड़ाकर खून बहाकर सता में आई थी मगर अब हिन्दू मुस्लिम एक हो चुका है आपस मे लड़ेगा नही,अगर ऐसा हो जाता है तो आने वाले चुनाव का माहौल किया रहेगा इसका अंदाज़ा बखूबी लगाया जा सकता है और इसकी बानगी आज मुजफ्फरनगर में देखने को भी मिली जहां तमाम मुसलमानों ने किसानों के लिए खाने के भंडारे लगाए हलवा पूरी बांटी और किसानों के आराम के लिए मस्जिदों और मदरसों के दरवाजे खोल दिये यानी शुरुआत हो चुकी हैं |

खैर आने वाला वक़्त किया करवट लेने वाला है और ये किसान एकता बरकरार रहती है या फिर साजिशों का शिकार होती है ये तो हम नही जानते मगर ये तय बात है कि अगर किसान नेताओ और किसानों की एकता कायम रहती है तो मोदी योगी सरकार को लेने के देने पड़ सकते हैं।

 

06-Sep-2021

Leave a Comment