कोरोना महामारी से लड़ने में सही जानकारी और सावधानी ही
कारगर  है

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-कोविडकाल में मानसिक स्वास्थ्य देखभाल पर जोर
- जिलों में संचालित मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत मरीजों को
कर रहे जागरूक

रायपुर.. कोरोना महामारी से निपटने के लिए स्वास्थ्य विभाग जुटा हुआ है।
महामारी को लेकर हर व्यक्ति कई तरह के मानसिक अवसादों से जूझ रहा है। इसे देखते हुए राज्य
के विभिन्न जिलों में मानसिक स्वास्थ्य देखभाल पर विशेष जोर दिया जा रहा है। इसके तहत जहां
मरीजों की काउंसिलिंग हो रही है तो दूसरी ओर सामान्य लोगों को भी मानसिक अवसाद, तनाव से
निपटने एवं कोविड महामारी से बचने के जरूरी उपायों की जानकारी दी जा रही है।
कोविड पॉजिटिव मरीजों के साथ-साथ पोस्ट कोविड मरीजों को भी विभिन्न माध्यमों से मानसिक
स्वास्थ्य और बीमारी के प्रति जागरूक किया जा रहा है। इसी क्रम में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य
अधिकारी डॉ.खेम राज सोनवानी के नेतृत्व में जिला मानिसक स्वास्थ्य कार्यक्रम बलौदाबाजार की
ओर से नवजागरण टार्गेट इंटरवेंशन ऑनलाइन जागरूकता कार्यक्रम आयोजित हुआ। कोरोना महामारी
से लड़ने में सहीं जानकारी और सावधानी ही कारगर है। नवजागरण की इस पहल में जिला कोविड
अधिकारी डॉ राकेश कुमार प्रेमी और जिला कार्यक्रम सलाहकार,राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम डॉ
सुजाता पांडेय ने मुख्य रूप से लोगों की शंकाओं और जिज्ञासा रूपी प्रश्नों का उत्तर देकर मानसिक
स्वास्थ्य जागरूकता का प्रयास किया। डॉ. राकेश कुमार प्रेमी का कहना है कि डर और इधर-उधर की
आधा-अधूरी जानकारी की वजह से लोग कोरोना को लेकर ज्यादा डरे हुए हैं। ऐसे समय में उनके मन
से डर को हटाना बेहद जरूरी है। वहीं डॉ. सुजाता का कहना है ऐसे वक्त सकारात्मक और पॉजिटिव
विचार रखना जरूरी है। इससे कोरोना बीमारी पर विजय के साथ-साथ खुद के मानसिक स्वास्थ्य पर
भी जीत हासिल की जा सकती है। उक्त कार्यक्रम में मानसिक स्वास्थ्य और कोविड से संबंधित एक
महत्वपूर्ण चर्चा हुई जिसमें कोविड के दौरान और पोस्ट कोविड मानसिक स्वास्थ्य संबंधी चेतना
जगाई गई। उक्त कार्यक्रम को फेसबुक पेज पर भी अपलोड कर लोगों को जानकारी देने का प्रयास
किया गया।
अलग-अलग तरीके से जागरूकता- सीएमएचओ महासमुंद डॉ.एन.के. मनडपे के नेतृत्व में एनसीडी
स्पेशल सेल, जिला अस्पताल महासमुंद में पोस्ट कोविड पेशेंट को मानसिक स्वास्थ्य परामर्श प्रदान

किया जा रहा है। सीएमएचओ डॉ. मनडपे के अनुसार अस्पताल के डॉ. नागेश्वर राव, डॉ.छत्रपाल एवं
काउंसिलर्स की टीम द्वारा पोस्ट कोविड मरीजों को विशेषकर मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूक
किया जा रहा है। इसी तरह धमतरी जिला अस्पताल एवं कोविड सेंटर में सीएमएचओ डॉ. डी.के. तुर्रे
के नेतृत्व में क्लिनिकल साइकोलॉजिस्ट द्वारा कोविड सेंटर में और टेली काउंसिलिंग भी की जा रही
है।
ऑनलाइन एवं ऑफलाइन काउंसिलिंग बना सहारा- जिला मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत
कोविड पोजिटिव मरीजों एवं पोस्ट कोविड मरीजों की विभिन्न मानसिक समस्याओं का समाधान
विशेषज्ञों द्वारा काउंसिलिंग के माध्यम से किया जा रहा है। जिला अस्पतालों में मानसिक स्वास्थ्य
कार्यक्रम से संबद्ध विशेषज्ञ मरीजों को ऑनलाइन ही उनकी समस्याओं और उनके मन के डर,
कोविड के संंबंध में सही जानकारी, सुरक्षात्मक उपायों की जानकारी के साथ ही अवसाद, तनाव को
दूर करने के उपाय सुझा रहे हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक रोजाना अमुमन 20-30 मरीजों की ऑनलाइन
काउंसिलिंग भी की जा रही है। वहीं कोविड सेंटरों में क्लिनिकल साइकोलॉजिस्टों के माध्यम से
मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं और बीमारी की वजह से मन के डर को दूर करने के उपाय सुझा रहे

15-May-2021

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