लेख- ठाकुर राम बंजारे 

आसमान छूते पेट्रोल-डीजल और गैस के दामों से आम जनता परेशान है. पेट्रोल-डीजल के दाम 100 रुपये के पार हो गए हैं. तो वहीं रसोई गैस के दाम भी लगातार बढ़ाए जा रहे हैं, जिस महंगाई पर छाती पीटकर भाजपा ने देश की सबसे बड़ी पार्टी कांग्रेस से सत्ता छिना था. आज सत्ता पर काबिज हैं और महंगाई अपने चरमं पर हैं, भाजपा को अपने सात साल की कार्यकाल पर महंगाई को लेकर आइना दिखाई पढ़ गई है. महंगाई को लेकर आज भाजपा की सरकार पर देश की जनता कई सवाल कर रहे है. लेकिन इनके बड़े नेताओं ने जवाब देना तो छोड़ अपना मुंह छिपाने में गले हुए है कहते है पानी की गहराई का तभी पता चलता है जब पानी में उतरा जाए. भाजपा जब सत्ता से दूर था तब पेट्रोल-डीजल और रसोई जैसी आवश्यक वस्तुओं की महंगाई को लेकर सड़कों पर उतर आए थे जिसे आम जनता ने हाथोंहाथ लिया, और महंगाई से त्रस्त जनता बीजेपी को आँख मूंद वोट कर सत्ता में बैठा दिया लेकिन आज भाजपा की पोल खुलते दिखाई पढ़ रहे है. भाजपा ने सत्ता के सात सालों में हीं देश की जनता को महंगाई की दल-दल में ढ़केल दिया है आज जनता समझ रहे है की पानी की गहराई का तभी पता चलता है जब पानी में उतरा जाए.

पीएम मोदी ने कांग्रेस पर फोड़ा महंगाई का ठीकरा- ये विडम्बना ही है सत्ता में काबिज देश की प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बढ़ती महंगाई को कांग्रेस की पिछली सरकारों को हीं जिम्मेदार ठहरा रहा हैं. मिडिया में आयी अपने बयान में पीएम मोदी ने कहा कि पिछली सरकारों ने देश के ऊर्जा आयात पर निर्भरता में कमी पर ध्यान दिया होता तो मध्यम वर्ग पर इतना बोझ नहीं बढ़ता. पीएम मोदी की बयान से साफ जाहिर है कि सरकार अभी टैक्सेज में कटौती करने के मूड में नहीं है पेट्रोल और डीजल की आज जो रिकॉर्ड कीमतें चल रही हैं, उसकी सबसे बड़ी वजह यही है कि इन पर टैक्स बहुत ज्यादा है |

2014 के चुनावों में बीजेपी की तरफ से पोस्टर जारी कर कहा था, बहुत हुई जनता पर पेट्रोल-डीजल की मार, अबकी बार मोदी सरकार. 7 नवंबर 2011 को बीजेपी नेता प्रकाश जावड़ेकर ने कहा था, हम चैलेंज के साथ कह सकते हैं कि पूरी तरह से रिफाइंड पेट्रोल दिल्ली में 34 रूपये और मुंबई में 36 रूपये से मिल सकता है तो उसके दोगुने दाम क्यों सरकार की तरफ से लिए जा रहे हैं?

तेल पर टैक्स से सरकार को मोटी कमाई:-

इंडियन एक्सप्रेस के अनुसार सरकार को मौजूदा वित्त वर्ष में पेट्रोल और डीजल पर एक्साइज ड्यूटी से 3.49 लाख करोड़ रुपये हासिल होंगे. यह वित्त वर्ष 2020-21 के बजट अनुमान 2.49 लाख करोड़ रुपये से 39.3 फीसदी या करीब 97,600 करोड़ रुपये ज्यादा होगा. यानी पेट्रोल और डीजल पर टैक्स से सरकार को कोरोना काल के बावजूद इस साल जबरदस्त कमाई होने वाली है.

सरकार के पास हैं पेट्रोलियम उत्पादों के दाम घटाने का अधिकार-

सरकार के पास पेट्रोलियम उत्पादों के दाम घटाने के अधिकार हैं| कीमतों को डीरेगुलेट करने और इन पर टैक्स घटाने के विकल्प भी शामिल हैं | 15 जून 2017 से देश में पेट्रोल-डीजल की कीमतें रोजाना आधार पर बदलने की शुरुआत कर दी गयी, इससे पहले इनमें हर तिमाही में बदलाव हुआ करता था| कीमत बाजार के हाथों में चले जाने के बाद इसमें अधिक तेजी देखने को मिल रही हैं |

पड़ोसी देशों में कम है पेट्रोल की कीमत-

भारत के पड़ोसी देशों में पेट्रोल की कीमत भारत की तुलना में काफी कम है| पाकिस्तान में पेट्रोल की बात करें तो यहां कीमत करीब 51 रुपए के आसपास है | श्रीलंका में पेट्रोल 60.26 रूपये में मिल रहा है | भूटान में इसकी कीमत 49.56 रूपये हैं |

27-Feb-2021

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