BY : SIASAT.COM

नई दिल्ली : देश की चिकित्सा व्यवस्था किस कदर बदहाल है इसे स्वास्थ्य मंत्रलय की एक रिपोर्ट बयां करती है। रिपोर्ट के अनुसार, देश में 11528 लोगों के इलाज के लिए एक सरकारी डॉक्टर उपलब्ध है। जबकि विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार मानक एक हजार पर एक डॉक्टर का है।

देश में हालांकि दातों के डॉक्टरों की भरमार है,लेकिन सरकारी तंत्र में इनकी भारी कमी है। रिपोर्ट बताती है कि देश भर के सरकारी चिकित्सालयों में कुल 5614 डेंटल सर्जन हैं जिसका मतलब यह हुआ कि एक सर्जन के जिम्मे करीब 2,17,448 लोग हैं। स्वास्थ्य मंत्रलय की हेल्थ प्रोफाइल रिपोर्ट के आंकड़ों के अनुसार 2015 के दौरान पाया गया कि देश में एलोपैथी के कुल 106415 डॉक्टर ही सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों एवं अस्पतालों में तैनात हैं। तब देश की आबादी 123 करोड़ आंकी गई थी। नतीजा निकाला गया कि 11528 लोगों के लिए महज एक सरकारी डॉक्टर है।

देश में करीब 10.5 लाख पंजीकृत डॉक्टर हैं। इनमें से करीब तीन लाख अभी सक्रिय नहीं होंगे या विदेश चले गए होंगे। इसके बावजूद 7.5 लाख डॉक्टर होने चाहिए। लेकिन जरूरत के हिसाब से डॉक्टरों की नियुक्ति नहीं की जाती है। रिपोर्ट के अनुसार जिन राज्यों में सरकारी डॉक्टर की उपलब्धता अच्छी है, उनमें दिल्ली टॉप पर है।

दिल्ली में 20092 सरकारी डॉक्टर तैनात हैं। यानी एक डॉक्टर के जिम्मे 2203 लोग हैं। वैसे हिमाचल में यह अनुपात सबसे अच्छा है, जहां 4919 डॉक्टर हैं। वहां औसतन 1419 लोगों पर एक चिकित्सक उपलब्ध है।

BY : SIASAT.COM

नई दिल्ली : देश की चिकित्सा व्यवस्था किस कदर बदहाल है इसे स्वास्थ्य मंत्रलय की एक रिपोर्ट बयां करती है। रिपोर्ट के अनुसार, देश में 11528 लोगों के इलाज के लिए एक सरकारी डॉक्टर उपलब्ध है। जबकि विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार मानक एक हजार पर एक डॉक्टर का है।

देश में हालांकि दातों के डॉक्टरों की भरमार है,लेकिन सरकारी तंत्र में इनकी भारी कमी है। रिपोर्ट बताती है कि देश भर के सरकारी चिकित्सालयों में कुल 5614 डेंटल सर्जन हैं जिसका मतलब यह हुआ कि एक सर्जन के जिम्मे करीब 2,17,448 लोग हैं। स्वास्थ्य मंत्रलय की हेल्थ प्रोफाइल रिपोर्ट के आंकड़ों के अनुसार 2015 के दौरान पाया गया कि देश में एलोपैथी के कुल 106415 डॉक्टर ही सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों एवं अस्पतालों में तैनात हैं। तब देश की आबादी 123 करोड़ आंकी गई थी। नतीजा निकाला गया कि 11528 लोगों के लिए महज एक सरकारी डॉक्टर है।

देश में करीब 10.5 लाख पंजीकृत डॉक्टर हैं। इनमें से करीब तीन लाख अभी सक्रिय नहीं होंगे या विदेश चले गए होंगे। इसके बावजूद 7.5 लाख डॉक्टर होने चाहिए। लेकिन जरूरत के हिसाब से डॉक्टरों की नियुक्ति नहीं की जाती है। रिपोर्ट के अनुसार जिन राज्यों में सरकारी डॉक्टर की उपलब्धता अच्छी है, उनमें दिल्ली टॉप पर है।

दिल्ली में 20092 सरकारी डॉक्टर तैनात हैं। यानी एक डॉक्टर के जिम्मे 2203 लोग हैं। वैसे हिमाचल में यह अनुपात सबसे अच्छा है, जहां 4919 डॉक्टर हैं। वहां औसतन 1419 लोगों पर एक चिकित्सक उपलब्ध है।

 

24-Aug-2017

Related Posts

Leave a Comment