केंद्र सरकार ने कल एक बड़ा मगर अटपटा फैसला लेते हुए कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा की एसपीजी सुरक्षा हटाने का फैसला लिया है। इन तीनों की एसपीजी सुरक्षा को धीरे धीरे हटाया जाएगा। श्रीपेरंबुदूर में पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की हत्या के बाद पूरे गांधी परिवार को एसपीजी सुरक्षा देने का फैसला किया गया था।

मगर अब केंद्र सरकार ने फैसला पलट दिया है। गृह मंत्रालय की सुरक्षा समीक्षा कमेटी की बैठक में लिए गए निर्णय के अनुसार अब गांधी परिवार को जेड प्लस सुरक्षा प्रदान की जाएगी। इसके तहत सीआरपीएफ या एनएसजी के कमांडो तैनात होंगे। 

केंद्र सरकार के अनुसार  फिलहाल गांधी परिवार को कोई खतरा नहीं है और ऐसे में जेड प्लस की सुरक्षा पर्याप्त होगी। हैरत की बात है कि जिस गांधी परिवार में इंदिरा गांधी और राजीव गांधी को मार दिया जाता है उस परिवार की सुरक्षा हटा ली जाए या कम कर लिया जाए। यह चिंता का विषय है।

गांधी परिवार की एसपीजी सुरक्षा हटाने के बाद अब सिर्फ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पास ही एसपीजी सुरक्षा रहेगी। यह निर्णय राजनीतिक बदले की भावना से लिया गया है। सरकार का फैसला दुर्भाग्यपूर्ण है। बदला लेने की राजनीति अच्छी नहीं लगती है।दिल बड़ा रखना चाहिए। 

देश के दो पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी और राजीव गांधी की हत्या की गई। अटल बिहारी वाजपेयी ने ही कानून में बदलाव कर के गांधी परिवार को एसपीजी सुरक्षा प्रदान की थी। आज शायद उनकी भी आत्मा तड़प गई होगी। यह फैसला राजनीतिक बदले की भावना से हुआ प्रतीत हो रहा है। फैसला तो इसी तरफ इशारा कर रहा है।

बहरहाल देश सब देख रहा है। 8 तारीख को फैसला लेने की आदत पड़ गई है शायद। पहले नोटबंदी अब सुरक्षा हटाना। दोनों फैसलों में इंसान की जान से खेला गया है।
मेरी अपील है सरकार से कि इस फैसले पर पुनर्विचार करे।

सैय्यद एम अली तक़वी
निदेशक- यूरिट एजुकेशन इंस्टीट्यूट
ई मेल- syedtaqvi12@gmail.com

09-Nov-2019

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