नई दिल्ली : प्रधानमंत्री बनने के बाद नरेंद्र मोदी की एनडीए 1 सरकार में सभी प्रकार के विज्ञापनों पर 5909 करोड़ 39 लाख 51 हजार रुपये खर्च किए हैं. आरटीआई कार्यकर्ता अनिल गलगली को केंद्र सरकार के ब्यूरो ऑफ आउटरीच एंड कम्युनिकेशन विभाग ने आरटीआई के जवाब में यह जानकारी दी.

HWNEWS में प्रकाशित खबर के अनुसार आरटीआई कार्यकर्ता अनिल गलगली ने 22 मई 2019 को केंद्र सरकार से जानने की कोशिश की थी कि वर्ष 2014-15 से वर्ष 2018-19 इन 5 वर्ष के कार्यकाल में एनडीए सरकार ने प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और आउटडोर मीडिया पर कुल कितने पैसे खर्च किए हैं? केंद्र सरकार के ब्यूरो ऑफ आउटरीच एंड कम्युनिकेशन विभाग ने अनिल गलगली को वर्ष 2014-15 से वर्ष 2018-19 इन 5 वर्ष के कार्यकाल में एनडीए सरकार ने प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और आउटडोर मीडिया पर कुल खर्च का एक पन्ने वाला चार्ट भेजा हैं. इस चार्ट में कुल 4 कैटेगरी में विज्ञापन को समाहित किया हैं. इसमें प्लान, नॉन प्लान, क्लाइंट डिपार्टमेंट और एडवांस डिपार्टमेंट हैं जिसे डिस्प्ले क्लास, रेडिओ स्पॉट और आउटडोर पब्लिसिटी पर कुल 5909 करोड़ 39 लाख 51 हजार रुपए खर्च किए गए हैं.

मोदी सरकार ने एनडीए 1 में पहले वर्ष यानी वर्ष 2014-15 के वित्तीय वर्ष में 979 करोड़ 66 लाख रुपए खर्च किए. वर्ष 2015-16 के वित्तीय वर्ष 1162 करोड़ 47 लाख रुपए खर्च किए. तीसरे वर्ष 2016-17 के वित्तीय वर्ष में इसमें इजाफा होकर यह खर्च 1258 करोड़ 32 लाख तक पहुंच गया।चौथें वर्ष 2017-18 के वित्तीय वर्ष में सर्वाधिक 1313 करोड़ 57 लाख विज्ञापनों पर खर्च हुए. पांचवे और अंतिम वर्ष 2018-19 में विज्ञापन पर मचा बवाल के बाद मोदी सरकार ने खर्च पर कुछ हद तक लगाम लगाने की कोशिश की थी। तो भी यह खर्च 1195 करोड़ 37 लाख 51 हजार हो ही गया था.

गत 5 वर्ष के विज्ञापनों पर नजर डाली जाए तो डिस्प्ले क्लास और रेडिओ स्पॉट मोदी सरकार की पहली पसंद थी. इसलिए इन दो प्रकार के विज्ञापनों पर क्रमशः 2109 करोड़ 30 लाख 62 हजार तथा 2172 करोड़ 7 लाख 47 हजार रुपए खर्च किए गए थे. जबकि आउटडोर पब्लिसिटी पर सिर्फ 612 करोड़ 18 लाख 42 हजार रुपए खर्च हुए हैं. अनिल गलगली के अनुसार रेडिओ स्पॉट और डिस्प्ले क्लास इन विज्ञापनों पर मोदी सरकार की पसंद यह दर्शाती हैं कि सरकार ने लोगों तक पहुंचने में कोई कसर नहीं छोड़ी और नब्ज़ को पहचाना.

27-Jun-2019

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