उत्तर प्रदेश के बदायूं में सामूहिक बलात्कार की एक पीड़िता ने आत्महत्या कर ली. खबर के मुताबिक पुलिस पीड़िता के साथ हुए दुष्कर्म के आरोपितों के खिलाफ शिकायत दर्ज नहीं कर रही थी. इससे तंग आकर उसने खुद को फांसी लगा ली. रविवार को उसका शव कमरे में पंखे से लटका मिला. पुलिस ने बताया कि पीड़िता के पास से एक सूसाइड नोट बरामद हुआ है.

डेक्कन क्रॉनिकल के मुताबिक इस मामले में बदायूं के एसपी अशोक त्रिपाठी ने स्टेशन हाउस अधिकारी (एसएचओ) को लापरवाही बरतने के आरोप में निलंबित कर दिया है. पीड़िता बीती 15 जून को एसएचओ के पास शिकायत लेकर पहुंची थी. लेकिन उसने शिकायत दर्ज नहीं की. बाद में बरेली जोन के अतिरिक्त महानिदेशक अविनाश चंद्र के निर्देश पर एफआईआर दर्ज हो पाई. हालांकि तब तक देर हो चुकी थी. इंडियन एक्सप्रेस ने बताया कि पीड़िता का शव मिलने से दो घंटे पहले शिकायत दर्ज की गई.

खबर के मुताबिक पीड़िता का पति दिल्ली में दिहाड़ी मजदूर है. इसलिए वह अपने माता-पिता के यहां ही रहती थी. पुलिस के अधिकारी ने दर्ज शिकायत के हवाले से बताया कि पीड़िता से रेप करने वाले तीनों आरोपित उसके रिश्तेदार हैं. वे 15 मई के दिन महिला को यह कह कर ले गए उसका पति दिल्ली में बीमार है.

अधिकारी ने बताया, ‘पीड़िता ने आरोप लगाया था कि आरोपित उसे तेलंगाना के सिकंदराबाद शहर ले गए और एक कमरे में कैद कर उससे बलात्कार किया. एक हफ्ते बाद जब वे उसे दिल्ली ले जा रहे थे, उसी दौरान पीड़िता ने एक सहयात्री की मदद से फोन कर माता-पिता को अपनी आपबीती सुनाई. उसके पिता जब तक बाकी लोगों के साथ दिल्ली रेलवे स्टेशन पहुंचे, तब तक आरोपित भाग चुके थे.’

साभार : satyagrah से 

18-Jun-2019

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