राजस्थान बोर्ड ऑफ सेकेंडरी कि किताबों में किया गया है। जिसमे वीडी सावरकर के नाम के आगे से वीर शब्द को हटा दिया गया है। दरअसल 13 फरवरी को एक रिव्यू कमेटी का गठन किया गया था, जिसे यह जिम्मेदारी दी गई थी कि वह इस बात की समीक्षा करे कि बीती सरकार में किताबों में जो संशोधन किए गए क्या वह राजनीतिक वजहों से थे और उसे जारी रखा जाना चाहिए या फिर उसे फिर से बदलना चाहिए। कक्षा 12वीं की इतिहास की किताब में वीडी सावरकर के की भूमिका में संशोधन किया गया है। सावरकर के नाम के आगे से वीर शब्द को हटा लिया गया। उनका नाम स्वतंत्रता आंदोलन के चैप्टर में है। इस चैप्टर में सावरकर के योगदान कृी विस्तृत चर्चा की गई है। 

नई किताब में अब वीर सावरक का नाम विनायक दामोदर सावरकर है। जिसमे इस बात की जानकारी दी गई है कि कैसे जेल में बंद होने के दौरान अंग्रेजों को सावरकर चार बार दया याचिका के लिए पत्र लिखा। दूसरी दया याचिका में उन्होंने खुद को पुर्तगाली बताया था साथ ही लिखा गया है कि साावरकर ने देश को हिंदू देश बनाने की दिशा में काम किया। सावरकर ने 1942 में भारत छोड़ो आंदोलन का विरोध किया और पाकिस्तान के गठन का भी विरोध किया। 

14-Jun-2019

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