इंसान चाहे जितना ज्ञान हासिल कर ले अगर उसके अंदर अंहकार की चिंगारी छुपी हुई है तो वह समाज, धर्म सभी के लिए खतरनाक है।  उसके पीछे सबसे बड़ा कारण यह है कि आज इंसान ना सच बोलना चाहता है ना सुनना चाहता है। आज इंसान शोहरत का भूखा है उसे नाम और शोहरत चाहिए। समाज सेवा के नाम पर बहुत ऐसे लोग मिलेंगे जो सेवा में भी मेवा ढूंढते हैं। उन्हें आगे बैठाया जाये लोग जय जयकार करें। पीछे पीछे चलें। पेपर में कवरेज हो। नाम सबसे ऊपर हो। यह क्या है? सिवाय दिखावा, अहंकार और लालच के कुछ नहीं। ऐसे लोग बहुत नुकसानदायक साबित होते हैं।

आज के दौर में सोशल मीडिया आ जाने से लोग काबिल हो गये हैं। जो 20 सालों से पढ़ा रहा है उसे पढ़ाने का तरीका बता रहे हैं। जो 18-20 सालों से पत्रकारिता कर रहा उसे पत्रकारिता सिखा रहे हैं। यह क्या है? सिवाय चापलूसी के कुछ नहीं। 

हकीकत यह है कि लोग मदद नहीं करना चाहते क्यों कि इसमें वह फायदा ढूंढते हैं और मदद करने वाले रात के अंधेरे में मदद करते हैं किसी को पता नहीं चलता।
किताबी ज्ञान और व्हाट्सएप ज्ञान हासिल करके कोई बुद्धिजीवी नहीं होता । इंसान के अंदर ठहराव होना चाहिए। व्यक्तित्व विकास अर्थात personality development के लिए पहले अपने व्यक्तित्व को निखारें।

आज हमारा समाज क्यों बर्बाद हो रहा है क्योंकि इसमें मतलबपरस्त लोग शामिल हो गये हैं। हर काम में फायदा देखते हैं। ईमानदारी नहीं है ऐसे में कोई ईमानदार एवं एडवांस सोच वाले व्यक्ति से जब सामना होता है तो उसके प्रति नकारात्मक रवैया अपनाया जाता है। क्योंकि उससे डर रहता है।
लेकिन आज की जरूरत है कि नवजवान आगे आयें और काम को अपने हाथों में लें ताकि समाज में बदलाव आ सके।

सैय्यद एम अली तक़वी ब्यूरो चीफ (हम्दे मुल्क उर्दू) (The Revolution News)

10-Jun-2019

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