शुक्रवार को न्यूजीलैंड आतंकवादी हमले में अधिकतम मुस्लिम पीड़ित होने की वजह से क्राइस्टचर्च नरसंहार को ‘आतंकी हमला’ मानने से इंकार करने पर बीबीसी को वैश्विक निंदा का सामना करना पड़ा। लोगों का कहना है कि बीबीसी के नाम से मशहूर ब्रिटिश ब्रॉडकास्टिंग कॉर्पोरेशन ने न्यूजीलैंड के क्राइस्टचर्च में दो मस्जिदों के अंदर हुए बड़े पैमाने पर गोलीबारी को ‘आतंकी हमला’ मानने से इसलिए इंकार कर दिया, क्योंकि हमला करने वाले आतंकवादी मुस्लिम नहीं थे।

बता दें कि न्यूजीलैंड में क्राइस्टचर्च की दो मस्जिदों में शुक्रवार को हुए आतंकी हमले में कम से कम 49 लोगों की मौत हो गई और 20 से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। एक बंदूकधारी की पहचान आस्ट्रेलियाई दक्षिणपंथी चरमपंथी के रूप में हुई है, जिसने हमले की स्पष्ट रूप से फेसबुक पर ऑनलाइन लाइवस्ट्रीमिंग की। इस हमले के बाद क्राइस्टचर्च में किसी के आने और शहर से किसी के बाहर जाने पर रोक लगा दी गई।

यह किसी पश्चिमी देश में मुस्लिमों के खिलाफ सबसे भीषण आतंकी हमला प्रतीत होता है। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि पीड़ितों पर बहुत नजदीक से गोलियां चलाई गईं। मृतकों में महिलाएं एवं बच्चे भी शामिल हैं। न्यूजीलैंड के पीएम द्वारा इसे ‘आतंकी हमला’ करार दिए जाने के बाद भी बीबीसी इसे आतंकवादी हमला मानने को राजी नहीं हुआ। क्राइस्टचर्च में हुए आतंकवादी हमले पर बीबीसी के कवरेज के दौरान उसके वेबसाइट से लेकर टाइव टीवी में कहीं भी इसे आतंकी हमला करार नहीं दिया गया।

ब्रिटिश पब्लिक ब्रॉडकास्टर ने टीवी और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म दोनों पर अपने कवरेज में ‘न्यूजीलैंड के मस्जिदों में हमला’ जैसे शब्दों का बार-बार इस्तेमाल करता रहा, लेकिन कहीं भी ‘आतंकी हमले’ का जिक्र नहीं किया। जबकि न्यूजीलैंड के पीएम के अलावा उनके ऑस्ट्रेलियाई समकक्ष भी मस्जिदों के अंदर गोलीबारी को ‘आतंकवादी हमला’ घोषित करने के लिए जल्दी में थे। न्यूजीलैंड की प्रधानमंत्री जैसिंडा अर्डर्न ने इसे ‘‘न्यूजीलैंड के सबसे काले दिनों में से एक’’ करार दिया और कहा, ‘‘यह स्पष्ट है कि इसे अब केवल आतंकवादी हमला ही करार दिया जा सकता है। हम जितना जानते हैं, ऐसा लगता है कि यह पूर्व नियोजित था।’’

बीबीसी द्वारा इसे आतंकवादी हमला मानने से इनकार करने पर पत्रकारों और सोशल मीडिया यूजर्स की नाराजगी बढ़ गई। बीबीसी के पूर्व संपादक रिफत जावेद ने अपनी नाराज़गी व्यक्त करते हुए ट्विटर पर अपनी भड़ास निकाली और बीबीबी के संपादकीय टीम पर पक्षपात का गंभीर आरोप लगाया। रिफत ने कहा कि आस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड के दोनों पीएम क्राइस्टचर्च नरसंहार को ‘आतंकी हमला’ करार दे चुके हैं, आप इसे केवल मस्जिद पर हमला बता रहे हैं, जो बेहद शर्मनाक हैं।

साभार जनता का रिपोर्टर से 

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16-Mar-2019

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