एजेंसी 

चीन ने अंतरिक्ष में गुरुवार को एक और मील का पत्थर स्थापित कर लिया है। अमेरिकी मीडिया के अनुसार चीन ने चंद्रमा के बाहरी हिस्से पर इतिहास में पहली बार एक स्पेस क्राफ्ट उतारा है। जिसका नाम चांगे-4 बताया जा रहा है। इससे पहले 2013 में चीन ने चांद पर एक रोवर उतारा था। इससे पहले अमेरिका और सोवियत संघ ने ही वहां पर लैंडिंग करवाई थी। लेकिन चांगे-4 को चंद्रमा पर नीचे की तरफ उस हिस्से पर उतारा गया है जो पृथ्वी से दूर रहता है।

चीन के अंतरिक्ष प्रबंधन पर बारीकी से काम करने वाली मकाऊ यूनिवर्सिटी ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी के प्रोफेसर झू मेंघुआ ने कहा, 'यह अंतरिक्ष अभियान दिखाता है कि चीन गहरे अंतरिक्ष अन्वेषण में उन्नत विश्व स्तर पर पहुंच गया है। हम चीनी लोगों ने कुछ ऐसा कर दिया है जिसे करने की हिम्मत अमेरिकीयों ने नहीं की।'

विशेषज्ञों का कहना है कि चीन चीजों को बहुत जल्दी पकड़ रहा है। वह आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, क्वांटम कंप्यूटिंग और दूसरे क्षेत्रों में अमेरिका को चुनौती दे सकता है। चीन 2022 तक अपने तीसरे अंतरिक्ष स्टेशन का पूरी तरह से संचालन शुरू करने की योजना बना रहा है। हालांकि चीन ने चंद्रमा पर एक ऐसी जगह पर विमान उतारा है जहां अभी तक कोई भी नहीं पहुंच सका है। विशेषज्ञों का कहना है कि स्पेसक्राफ्ट की यह लैंडिंग प्रोपेगैंडा से ज्यादा कुछ नहीं है। 

03-Jan-2019

Related Posts

Leave a Comment