मुंबई 

बॉलीवुड अभिनेत्री माधुरी दीक्षित नेने के प्रतिनिधि ने उन सभी खबरों को खंडन किया है, जिनमें कहा गया है कि वह भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के टिकट पर पुणे से लोकसभा चुनाव लड़ सकती हैं. एक रिपोर्ट में दावा किया गया था कि पुणे लोकसभा सीट के लिए माधुरी का नाम तय हो गया है, लेकिन उनके प्रवक्ता ने इन खबरों का खंडन किया है. प्रवक्त ने कहा, ये खबरें झूठी और काल्पनिक हैं. माधुरी ने वर्ष 1984 में फिल्म ‘अबोध’ के साथ भारतीय मनोरंजन जगत में कदम रखा था. वह बॉलीवुड का एक महत्वपूर्ण हिस्सा रही हैं और उन्होंने ‘तेजाब’, ‘राम लखन’, ‘दिल’, ‘बेटा’, ‘हम आपके हैं कौन..!’, ‘अंजाम’, ‘मृत्युदंड’, ‘पुकार’, ‘दिल तो पागल है’ और ‘देवदास’ जैसी फिल्मों में अपने अभिनय के जलवे बिखेरे हैं.

उन्होंने शादी के बाद कुछ समय तक फिल्मों से दूरी बना ली थी और वर्ष 2007 में ‘आजा नचले’ के साथ उन्होंने वापसी की.फिलहाल, वह ‘कलंक’ और ‘टोटल धमाल’ जैसी फिल्मों के साथ व्यस्त हैं. भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने इस साल जून में अदाकारा से मुंबई स्थित उनके आवास पर मुलाकात की थी. शाह उस समय पार्टी के ‘संपर्क फॉर समर्थन’ अभियान के तहत मुंबई पहुंचे थे. शाह ने इस दौरान अभिनेत्री को नरेंद्र मोदी सरकार की उपलब्धियों से अवगत कराया था. गौरतलब है कि महाराष्ट्र के एक वरिष्ठ भाजपा नेता ने गुरुवार को बताया था कि माधुरी का नाम पुणे लोकसभा सीट के लिए चुना गया है.

माधुरी को चुनाव लड़ाने की योजना के बारे में भाजपा के एक वरिष्ठ पदाधिकारी ने कहा, ‘इस तरह के तरीके नरेंद्र मोदी ने गुजरात में तब अपनाए थे जब वह पहली बार मुख्यमंत्री बने थे. उन्होंने स्थानीय निकाय चुनावों में सभी उम्मीदवारों को बदल दिया और पार्टी को उस फैसले का लाभ मिला.

उन्होंने कहा, ‘‘नए चेहरे लाए जाने से किसी के पास आलोचना के लिए कुछ नहीं था. इससे विपक्ष आश्चर्यचकित रह गया और भाजपा ने अधिक से अधिक सीट जीतकर सत्ता कायम रखी.’ नेता के अनुसार, इसी तरह का सफल प्रयोग 2017 में दिल्ली के निकाय चुनावों में भी किया गया जब सभी मौजूदा पार्षदों को टिकट देने से इनकार कर दिया गया. भाजपा ने जीत हासिल की और नियंत्रण बरकरार रखा.

08-Dec-2018

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