नई दिल्ली : अडानी ग्रुप की सिंगापुर स्थित कंपनी अडानी ग्लोबल प्राइवेट लिमिटेड ने सिंगापुर की हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है. अडानी ग्रुप ने मांग की है कि वह उन दस्तावेजों के उपलब्ध कराने पर रोक लगाए जो डायरेक्टरेट ऑफ़ रेवेन्यू इंटेलीजेन्स (DRI) द्वारा मांगे गए थे। डीआरआई ने अडानी ग्रुप की इंडोनेशिया स्थित कंपनियों के कोल इम्पोर्ट से सम्बंधित बैंकों के लेनदेन के दस्तावेजों की जानकारी मांगी थी. सूत्रों के अनुसार सिंगापुर की निचली अदालत ने डीआरआई से मिले पत्र (एलआर) के बाद इन दस्तावेजों के लिए कहा था।

वर्तमान में डीआरआई इस तरह के कोयला इम्पोर्ट में कथित अतिमूल्यन के घपले को लेकर अडानी समूह की कंपनियों की जांच कर रहा है। डीआरआई अडानी समूह की छह कंपनियों, अनिल धीरूभाई अंबानी समूह (एडीएजी) की दो कंपनियों और एस्सार ग्रुप दो समेत 40 कंपनियों की जांच कर रहा है. इन कंपनियों पर आरोप है कि इन्होने 2011 से 2015 के बीच 29,000 करोड़ रुपये का कोयले का इम्पोर्ट किया। 

साल 2016 में तीन सरकारी बैंकों ने डीआरआई को कोयला आयात के मामले में अग्रणी बिजली कंपनियों के लेनदेन की जानकारी देने से इंकार कर दिया था।  इसके पीछे बैंकों ने गोपनीयता मानदंडों का हवाला दिया था। इन मामलों में राजस्व सचिव हसमुख अधिया ने जाँच में सहयोग करने की अपील भी की थी। 

इसके बाद डीआरआई ने सिंगापुर, दुबई और हांगकांग में एलआरएस जारी किए थे. जिसमे शीर्ष बिजली कंपनियों द्वारा लेन-देन से संबंधित सरकारी बैंकों की विदेशी शाखाओं के साथ दस्तावेजों के सम्बन्ध में मदद मांगी थी. ये दस्तावेज ज्यादातर सिंगापुर शाखाओं से संबधित थे. पिछले साल डीआरआई अधिकारियों की एक टीम ने एलआरएस में तेजी लाने के लिए सिंगापुर का दौरा किया था। 

26-Aug-2017

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