एजेंसी 

नई दिल्ली। रॉबर्ट वाड्रा के खिलाफ मोर्चा खोलने के बाद चर्चा में आए आईएएस अधिकारी अशोक खेमका एक के बाद एक लगातार कई बार ट्रांसफर का सामना कर रहे हैं। हाल ही में हरियाणा सामाजिक न्याय और सशक्तिकरण विभाग के मुख्य सचिव के पद पर उन्हे नियुक्त किया गया था, लेकिन महज तीन महीने के भीतर राज्य सरकार ने उनका एक बार फिर से तबादला कर दिया है।

अब अशोक खेमका को हरियणा खेल एवं युवा मामलों के विभाग का जिम्मा सौंपा गया है। अशोख खेमका के साथ 12 और आईएएस अधिकारियों का भी तबादला किया गया है और उन्हें अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। 

ias ashok khemka के लिए चित्र परिणाम

तबादले के बाद अशोख खेमका ने ट्वीट करके लिखा कि काफी कुछ करने की योजना बनाई थी, लेकिन एक बार फिर से तबादले की खबर मिली, क्रैश लैंडिंग एक बार फिर से हुई है, बाहरी ताकतें जीत गई हैं, लेकिन यह अस्थाई है, फिर से मैं नई ऊर्जा और ताकत के साथ काम करुंगा। आपको बता दें कि खेमका का ट्रांसफर ऐसे वक्त पर आया है जब एक महीने पहले उन्होंने अपने विभाग के वरिष्ठ अधिकारी और मंत्री कृष्ण बेदी को कहा था कि वह जूनियर अधिकारी की आधिकारिक गाड़ी को वापस करें।

जिस सरकारी गाड़ी को खेमका ने वापस मांगा था वह अंबाला जिले के सोशल वेलफेयर विभाग के अधिकारी की थी, लेकिन मंत्री इस बात का दावा कर रहे थे कि उन्हे इस मामले से कुछ लेना देना नहीं है, उन्होंने कहा था कि यह अधिकारियों के बीच का मामला है। सूत्रों की मानें तो खेमका ने जब 25 अगस्त को विभाग का जिम्मा संभाला था तो उन्होंने विभाग में हेल्पर की नियुक्ति और नशा मुक्ति केंद्र की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़ा किया था। अशोक खेमका 1991 बैच के आईएएस अधिकारी हैं, अपने सेवाकाल में वह 45 बार तबादले का सामना कर चुके हैं। 

13-Nov-2017

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