नई दिल्ली: देश के अंदर मॉब लिंचिंग की बढ़ती घटनाओं को लेकर अफवाहों पर रोक लगाने के लिए सोशल मैसेजिंग कंपनी वाट्सएप ने एक नया फीचर शुरू किया है। इस नए फीचर में यूजर को यह जानकारी दी जाएगी कि कौन सा मैसेज फॉरवर्डेड है और कौन सा मौलिक है।
अपने बयान में कंपनी ने कहा है कि यूजर स्पैम यानी फर्जी मैसेज को रिपोर्ट कर सकते हैं और जरूरत पड़ने पर उससे सीधे संपर्क भी कर सकते हैं। वाट्सएप के मुताबिक, इस फीचर से लोग जान सकेंगे कि जो मैसेज उन्हें मिला है वह उनके किसी परिचित ने खुद लिखा है या किसी और ने। कंपनी का यह भी कहना है कि एप के लेटेस्ट वर्जन को डाउनलोड करने के बाद ही यूजर्स को यह सुविधा मिलेगी।
वाट्सएप का कहना है कि मॉब लिंचिंग की हालिया घटनाओं से वह भी चिंतित है। कंपनी ने इस बारे में तेजी से कार्रवाई करने का वादा किया है। हालांकि अधिकारियों का आरोप है कि इस मामले में उसने गैर-जिम्मेदाराना रवैया दिखाया है। उनका कहना है कि कंपनी अपनी जिम्मेदारी और जवाबदेही से बच नहीं सकती। इस पर वाट्सएप का कहना है कि कंपनी यूजर्स की निजता को ध्यान में रखते हुए उनके मैसेज नहीं पढ़ती।
बता दें कि हाल ही में बच्चा चोरी की अफवाहों के चलते देश के कई हिस्सों में भीड़ द्वारा निर्दोष लोगों की हत्या के मामले सामने आए हैं। ये अफवाहें वाट्सएप के जरिये ही फैलाई गई थीं। हत्याओं और लोगों के बीच लगातार बढ़ रहे डर को देखते हुए सरकार ने भी वाट्सएप को चेतावनी दी थी। 

 

11-Jul-2018

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