दिल्ली 

जम्मू-कश्मीर में पत्रकार शुजात बुखारी की हत्या के बाद अब त्रिपुरा में एक अन्य पत्रकार के खिलाफ हिंसा का मामला सामने आया है। राज्य के धर्मानगर में बीते सोमवार की रात कथित तौर पर तेल चोरी के घोटाले में लिप्त कुछ लोगों के समूह ने पत्रकार की हत्या करने की कोशिश की है। उनका गला चाकू से रेता गया। पत्रकार पिछले साल दो मीडियाकर्मियों की हत्या के मामले में गवाह थे।

टाइम्स ऑफ इंडिया के हवाले से मिली जानकारी के मुताबिक हमले में टीवी पत्रकार सुमन देबनाथ (30) में गहरी चोट लगी है। उनपर धर्मानगर तेल डिपो में सिमिन मिया ने हमला किया। आरोपी ने उन्हें घटनास्थल पर एक गैंग के बारे में प्रकाशित रिपोर्टों के संबंध में बातचीत के लिए बुलाया था। खबर लिखे जाने तक पुलिस सिमिन मिया को अभी तक पुलिस गिरफ्तार नहीं कर सकी है जबकि उसके साथी मिहिर देब को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।

जानलेवा हमले में बुरी तरह घायल हुए देबनाथ अब खतरे से बाहर हैं। उनका इलाज जिला हॉस्पिटल में किया जा रहा है। पत्रकार देबनाथ ने बताया कि उनपर महज इसलिए हमला किया गया क्योंकि उन्होंने अपराधिक गतिविधियों में लिप्त एक संगठन के बारे में बारीकी से रिपोर्ट छापी थी। देबनाथ के मुताबिक बाचतीत के दौरान मिया ने उनपर कटार से अचानक हमला कर दिया। पुलिस की तरफ अपना ध्यान आकर्षित करने के लिए देबनाथ चिल्लाने या रोने लगे तो हमलावर फरार हो गए। डॉक्टरों का कहना है कि देबनाथ की जान बचने की वजह हमलावरों द्वार उनके ‘वोकल कोर्ड’ पर हमला था। श्वसन तंत्र को कोई नुकसान नहीं पहुंचा।

बता दें कि पूर्व में पत्रकार देबनाथ ने उन अपराधियों के खिलाफ लगातार कई रिपोर्ट्स प्रकाशित की जो तेल डिपो और टैंकर से तेल चोरी कर रहे थे। आरोप है कि इस अपराध में कथित तौर पर इंडियन ऑयल का स्टाफ, पुलिस और अन्य लोग भी शामिल है। पुलिस ने बताया कि हाल के दिनों में ऐसे अपराधिक समूहों के खिलाफ कार्रवाई शुरू की गई है। मिया को पकड़ने के लिए असम, त्रिपुरा और मिजोरम में सरहदों पर सुरक्षा बढ़ाई गई है। इससे पहले त्रिपुरा में पिछले साल 20 सितंबर को प्रिंट पत्रकार शांतनु भौमिक की हत्या कर दी गई थी। वह सीपीएम और आईपीएफटी के बीच चल रहे टकराव को कवर कर रहे थे। 21 नवंबर को एक अन्य मामले में पत्रकार सुदीप दत्ता भौमिक की भी हत्या कर दी गई थी।

20-Jun-2018

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