केंद्र सरकार ने शिलांग में दो समुदायों के बीच भड़की हिंसा पर काबू पाने के लिए शहर में केंद्रीय अर्धसैनिक बल के एक हजार जवानों को भेजा है। एक बार फिर रविवार रात शहर में नए सिरे से हिंसा भड़कने के बाद उत्तेजित भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पुलिस को आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े थे।
केंद्रीय गृहमंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया कि राज्य सरकार के आग्रह पर अर्धसैनिक बलों की लगभग 10 कंपनियों को मेघालय भेजा गया है। अर्धसैनिक बल की एक कंपनी में 100 जवान होते हैं।
इतना ही नहीं केंद्रीय गृह मंत्रालय के शीर्ष अधिकारी परिस्थितियों को लेकर राज्य सरकार के अधिकारियों से संपर्क में हैं। वहीं मेघालय के पुलिस महानिदेशक एस. बी. सिंह ने बताया कि सोमवार को लगातार चौथे दिन शहर के संवेदनशील इलाकों में कर्फ्यू लागू होने से सामान्य जनजीवन प्रभावित हुआ। संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा बढ़ाई गई है। सेना ने भी इलाके में फ्लैग मार्च किया है।
ईस्ट खासी हिल्स जिले के उपायुक्त पी. एस. खार ने बताया कि शहर के 14 इलाकों में कर्फ्यू लागू किया गया है। कानून व्यवस्था की समीक्षा के बाद कर्फ्यू में ढील देने के बारे में फैसला लिया जाएगा।
सीआरपीएफ की एक कंपनी और जिला बल के साथ राज्य के एसएफ-10 कमांडो पहले से ही स्थिति पर नजर रखे हुए हैं। इसबीच, सिख समुदाय पर हमलों से चिंतित पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने हालात का जायजा लेने के लिए एक चार सदस्यीय टीम भेजी है।
उल्लेखनीय है कि शहर के पंजाबी लाइन इलाके में एक युवती के साथ कथित छेड़छाड़ के बाद एक बस खलासी और स्थानीय लोगों के बीच मारपीट के बाद शहर में हिंसा भड़क उठी थी। इस हिंसा में अब तक एक दर्जन लोग घायल हुए हैं। मुख्यमंत्री कोनराड संगमा ने रविवार को आरोप लगाया था कि कुछ निहित स्वार्थी तत्व इसे जातीय हिंसा का रंग देने की कोशिश कर रहे हैं।
मेघालय के गृहमंत्री जेम्स संगमा ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है। उन्होंने बताया कि आंदोलनकारियों की मांगे मान ली गई हैं। इन मांगों में खलासी के साथ मारपीट करने वाले आरोपी की गिरफ्तारी भी शामिल है।
राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग भी भेजेगा अपना सदस्य
नई दिल्ली। राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग शिलांग में हिंसा की जांच और हालात का जायजा लेने के लिए अपना एक सदस्य भेज रहा है। आयोग के अध्यक्ष सैयद गयूरुल हसन रिजवी ने बताया कि आयोग के सदस्य मंजीत सिंह राई मंगलवार को पंजाब से शिलांग जाएंगे और वहां से बुधवार को लौटने के बाद रिपोर्ट सौंपेंगे। इसके बाद हम आगे कदम उठाएंगे। मंजीत सिंह हिंसा की चपेट में आए पीड़ितों से भी मुलाकात करेंगे।

 

05-Jun-2018

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