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नई दिल्ली : सुप्रीम कोर्ट ने आज पिछले सप्ताह नियुक्त चुनाव आयुक्त अरुण गोयल की नियुक्ति से संबंधित फाइल को पढ़ा और कहा कि फाइल को जल्दबाजी में पास किया गया है. कोर्ट ने इस बारे में केंद्र से सवाल भी किया.

केंद्र ने संविधान पीठ के समक्ष फाइल पेश किया
केंद्र सरकार की ओर से सुप्रीम कोर्ट की संविधान पीठ के समक्ष चुनाव आयुक्त अरुण गोयल की नियुक्ति से संबंधित ओरिजनल फाइल को पेश किया गया. जिसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने उन फाइलों पर गौर किया और कहा कि फाइल बहुत जल्दबाजी में पास किये गये हैं.

19 नवंबर को हुई है नियुक्ति
कोर्ट ने कहा कि चुनाव आयुक्त का पद 15 मई को खाली हुआ था और चुनाव आयुक्त अरुण गोयल की फाइल को हड़बड़ी में पास करके 19 नवंबर को उनकी नियुक्ति कर दी गयी. महाधिवक्ता ने चुनाव आयुक्त अरुण गोयल की नियुक्ति पर सुप्रीम कोर्ट से विस्तारपूर्वक विचार करने की अपील की है. सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयुक्त अरुण गोयल की नियुक्ति पर सवाल खड़े करते हुए केंद्र सरकार से उनकी नियुक्ति से संबंधित फाइल पेश करने को कहा था.

नियुक्ति में अनियमितता की आशंका
सुप्रीम कोर्ट की संविधान पीठ ने यह कहा था कि वह यह जानना चाहती है कि चुनाव आयुक्त अरुण गोयल की नियुक्ति में कहीं कुछ अनुचित कदम तो नहीं उठाया गया है. सुप्रीम कोर्ट की संविधान पीठ ने कल केंद्र सरकार को आज तक का समय फाइल पेश करने के लिए दिया था. हालांकि केंद्र ने यह दावा किया है कि चुनाव आयुक्त की नियुक्ति में सब चीज ठीक है.

1985 बैच के आईएएस हैं अरुण गोयल
चुनाव आयुक्त अरुण गोयल भारतीय प्रशासनिक सेवा के 1985 बैच के अधिकारी है. उन्हें 19 नवंबर को चुनाव आयुक्त नियुक्त किया गया है. वे 31 दिसंबर को रिटायर होने वाले थे. अपनी नयी भूमिका संभालने के बाद, गोयल मौजूदा सीईसी राजीव कुमार के फरवरी 2025 में सेवानिवृत्त होने के बाद अगले मुख्य निर्वाचन आयुक्त होंगे.

24-Nov-2022

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