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नई दिल्ली : रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया  ने रेपो रेट में 0.5 फीसदी का इजाफा किया है, जिसके बाद रेपो रेट 4.90 प्रतिशत से बढ़कर 5.4 फीसदी हो गया है. रेपो रेट में की गई बढ़ोतरी से होम लोन से लेकर ऑटो और पर्सनल लोन सब कुछ महंगा होने वाला है और आपको ज्यादा EMI चुकानी पड़ेगी. रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के गवर्नर शक्तिकांत दास ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर मीटिंग में लिए फैसलों की जानकारी दी.  वित्त वर्ष 2022 में महंगाई दर 6.7 फीसदी तक संभव है. महंगाई पर चर्चा करके हुए उन्होंने कहा कि ग्लोबल स्तर पर महंगाई एक चिंता का विषय है.

रेपो रेट क्या होता है?
रेपो रेट वह दर होती है जिस पर RBI बैंकों को कर्ज देता है. बैंक इस कर्ज से कस्टमर को लोन देते हैं. रेपो रेट ज्यादा होने का मतलब है कि बैंक से मिलने वाले कई तरह के लोन महंगे हो जाएंगे. 

होम लोन हो जाएगा महंगा-
आरबीआई के इस कदम से बैंकों को पर्सनल होम खरीदारों को महंगे दर पर लोन मिलेगा. इससे उनकी बैलेंस शीट पर दबाव बढ़ेगा. जोखिम भार को बढ़ाने से पूंजी प्रावधान की आवश्यकता भी बढ़ेगी और बैंकों के पास उधारकर्ताओं को उच्च दरों पर लोन मिलेगा. जिससे घर खरीदारों की संख्या कम होगी. जब घर खरीदार मार्केट में कम हो जाएंगे तो मांग में कमी आएगी. मांग घटने से बाजार में पूंजी प्रवाह कम हो जाएगा. जिसका सीधा असर अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा.

पहले से चल रहे होम लोन पर बढ़ेगा EMI का बोझ-

जिन ग्राहकों ने पहले से होम लोन ले रखा है, अगर उनकी दरें फ्लोटिंग हैं तो उन पर EMI का बोझ बढ़ेगा. अगर बैंकों ने EMI नहीं बढ़ाई तो टेन्योर बढ़ा देंगी. लेकिन किसी ग्राहक ने स्थिर दर पर होम लोन लिया है तो उसको चिंता करने की जरूरत नहीं है, क्योंकि स्थिर पर लिया गया लोन पहले से ही महंगा होता है, जिसकी शर्तें पहले से ही तय होती हैं कि बैंकों के ब्याज दरों में बढ़ोतरी का असर ग्राहकों पर नहीं डाला जाएगा.

05-Aug-2022

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