कानपुर के एक शेल्टर होम में 57 बच्चियों को कोरोना वायरस मिलने और इनमें से कुछ के हामला होने के मामले में सियासत शुरू हो गई है. कांग्रेस जनरल सैक्रेटरी प्रियंका गांधी वाड्रा को कानपुर शेल्टर होम केस के से मुतअल्लिक की गई उनकी एक फेसबुक पोस्ट के लिए उत्तर प्रदेश बाल हिफाज़ती कमीशन ने उन्हें नोटिस भेजा था.

नोटिस मिलने के बाद प्रियंका गांधी वाड्रा ने ट्विटर पर योगी हुकूमत को कार्रवाई करने की चुनौती देते हुए लिखा कि वह इंदिरा गांधी की पोती हैं, डरने वाली नहीं हैं.

” प्रियंका ने ट्वीट किया था, ”जो भी कार्रवाई करना चाहते हैं, बेशक करें. मैं हकीकत सामने रखती रहूँगी. मैं इंदिरा गांधी की पोती हूँ, कुछ अपोज़ीशन के लीडरों की तरह भाजपा की गैर मुकर्ररा तरजुमान नहीं.”

बता दें कि गुज़िश्ता दिनों प्रियंका गांधी वाड्रा ने अपने एक फेसबुक पोस्ट में कानपुर शेल्टर होम में नाबालिग लड़कियों के हामला होने और कुछ के एचआईवी और हेपेटाइटिस सी से मुतास्सिर होने का मुद्दा उठाया था. हालांकि, योगी हुकूमत का इस मामले में कहना है कि बच्चियां पहले से ही गर्भवती थीं. ये सभी पॉक्सो एक्ट (Protection of Children from Sexual Offences (POCSO) Act, 2012) के तहत शेल्टर होम में लाई गई थीं. इन सभी बच्चियों के मुल्ज़िमीन पर पॉक्सो एक्ट (POCSO ACT) के तहत कार्रवाई हुई है और अदालत में केस चल रहा है.

27-Jun-2020

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