अब प्रदेश में नगरीय चुनाव की शंख उदघोषित हो चुका हैा प्रदेश में प्रमुख प्रतिद्वंदी भाजपा और कांग्रेस की सेनायें आमने-सामने की द्वन्द के लिये सज्य हो चुकी है । हलांकि तीसरा मोर्चा संभालने का प्रयास पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी की नेतृत्ववाली छजकां (जोगी) कर रही है लेकिन मुख्य मुकाबला मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और पूर्वमुख्यमंत्री डा० रमन सिंह के नेतृत्व वाली सेनाओं में ही है। जबकि प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम मुख्यमंत्री के और नेता प्रतिपक्ष  श्री कौशिक तथा भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह के मात्र अनुनाई की भूमिका में है| अपनी कार्यस्वभाव के अनुरूप कांग्रेस के प्रभारी महासचिव पीएल पुनिया भी अब सीएम बघेल कि सहयोगी की भूमिका में पुरी तरह आ चुके है। 

अभी कुछ कहना मुश्किल है कि नगरीय निकायो का चुनाव परिणाम किनके पक्ष में जाने वाला है । परन्तु इतना तो तय है कि इससे प्रदेश की राजनैतिक,सामाजिक और प्रशासानिक दिशा तय होगी तथा मुख्यमंत्री, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष व प्रभारी महासचिव का राजनैतिक कद काठी का नये सिरे से निर्धारण होगा ।चुनाव परिणाम से डा० रमन सिंह के उतरते राजनीतिक कद को कितना  फायदा-नुकसान होगा, इसका भी अभी अनुमान लगाना सही नही होगा। फिलहाल चुनाव परिणाम प्रदेश के बहुत सारे पक्ष-विपक्ष के छोटे-बडे नेताओं के लिए एक अवसर जरूर प्रदान कर रहा है जिसके परिणाम का सभी को इंतजार है ।

केडी सिंह बुधवार मल्टीमीडिया न्यूज नेटवर्क रायपुर/ भोपाल/ पटना

05-Dec-2019

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