नई दिल्ली। बिहार में अब अपने बूढ़े माता-पिता की सेवा नहीं करने पर जेल जाना पड़ सकता है। नीतीश कुमार कैबिनेट की मंगलवार को बैठक बुलाई गई थी, जिसमें फैसला लिया गया है कि प्रदेश में रहने वाली संतानें अगर अब माता-पिता की सेवा नहीं करेंगी तो उन्हें जेल हो सकती है। इस मामले में माता-पिता की शिकायत पर ऐसी संतानों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। 

बिहार के सीएम नीतीश कुमार की अध्यक्षता में बुलाई गई कैबिनेट बैठक में कुल 15 प्रस्तावों पर मुहर लगी। बैठक के बाद पत्रकारों से बात करते हुए मंत्रिमंडल सचिवालय विभाग के प्रधान सचिव संजय कुमार ने बताया कि जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में आतंकी हमले में शहीद बिहार के जवानों के आश्रितों को राज्य सरकार ने नौकरी देने का फैसला किया है। शहीद जवानों की पत्नी की लिखित अनुशंसा पर उनके आश्रितों को बिहार सरकार नौकरी प्रदान करेगी। 

इस बैठक में वृद्धजन पेंशन योजना को भी बिहार लोक सेवाओं के अधिकार अधिनियम (राइट टू सर्विस एक्ट) के दायरे में लाने के प्रस्ताव को मंजूरी मिल गई। संजय कुमार ने बताया कि मंत्रिपरिषद ने 55.84 करोड़ रु की लागत से पटना में बनने वाले क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय के लिए विदेश मंत्रालय को 1.46 एकड़ भूमि हस्तांतरण करने को भी मंजूरी दी गई है। सुपौल जिले में 130 मेगावाट की डगमरा जल विद्युत परियोजना के डीपीआर तैयार करने के लिए 11.68 करोड़ की स्वीकृति दी गई। अधिकारी ने बताया कि किसी बुजुर्ग द्वारा दिए गए आवेदन का निपटारा प्रखंड विकास पदाधिकारी को 21 दिनों के भीतर करना होगा।

12-Jun-2019

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