वरिष्ठ वामपंथी नेता गोविन्द पानसरे की हत्या के मामले में मंगलवार (11 जून, 2019) को महाराष्ट्र पुलिस की एक विशेष टीम ने दक्षिणपंथी कार्यकर्ता शरद कालसकर को गिरफ्तार कर लिया। यह जानकारी एक अधिकारी ने दी। उनके अनुसार, राज्य के आपराधिक जांच विभाग (सीआईडी) के विशेष जांच दल (एसआईटी) ने कालसकर (25) को मुम्बई से दबोचकर कोल्हापुर में एक अदालत में पेश किया, जिसने उसे 18 जून तक पुलिस हिरासत में भेज दिया।

कालसकर का नाम कई बड़े आपराधिक मामलों में सामने आ चुका है। महाराष्ट्र एटीएस ने उसे पिछले साल पालघर हथियार मामले में गिरफ्तार किया था। केन्द्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) के अनुसार वह उन दो शूटरों में से एक था जिन्होंने तर्कवादी नरेन्द्र दाभोलकर की 2013 में पुणे में गोली मारकर हत्या कर दी थी।

पिछले साल विशेष जांच दल (एसआईटी) ने 2015 के पानसरे हत्याकांड में गवाह के रूप में उसके बयान दर्ज किये थे। कालसकर, पानसरे की हत्या से पहले एक सप्ताह से भी ज्यादा समय तक मुम्बई से करीब 400 किलोमीटर दूर कोल्हापुर में रहा था। अधिकारी ने कहा कि कालसकर का नाम सितम्बर 2017 के पत्रकार-कार्यकर्ता गौरी लंकेश की हत्या के मामले में भी सामने आया था और बाद में उसे गिरफ्तार कर लिया गया था।

उन्होंने कहा कि लंकेश हत्याकांड में भी वह 16वें नंबर का आरोपी था। मामले की जांच में सामने आया था कि लंकेश की हत्या के लिये इस्तेमाल हथियारों को संभालने में उसने मुख्य भूमिका निभाई थी। अधिकारी ने बताया कि कालसकर ने पानसरे हत्याकांड में इस्तेमाल हथियारों को कथित रूप से नष्ट किया था। उन्होंने कहा कि जांच के दौरान सीआईडी एसआईडी ने पानसरे हत्याकांड में कालसकर की भूमिका पाई और उसी के अनुसार उसे गिरफ्तार किया गया।

12-Jun-2019

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