ऑनलाइन भुगतान कंपनी पेटीएम ने 10 करोड़ रुपये से अधिक की धोखाधड़ी का पता लगाया है. पेटीएम के प्रमुख विजय शेखर शर्मा ने मंगलवार को यह जानकारी दी.
पेटीएम ने छोटे दुकानदारों और विक्रेताओं को कुल कैशबैक का बड़ा हिस्सा मिलने की जांच की है, जिसके बाद यह धोखाधड़ी सामने आई है. पेटीएम प्रमुख विजय शर्मा ने संवाददाताओं को बताया, ‘दिवाली के बाद मेरी टीम ने पाया कि कुछ विक्रेताओं को कुल कैशबैक का ज्यादा प्रतिशत हासिल हुआ है. हमने अपने ऑडिटरों को इसकी अधिक गहराई से जांच के लिए कहा है.’ कंपनी ने इसके लिए परामर्शक कंपनी ईवाई की सेवाएं लीं. जांच में यह सामने आया कि कंपनी के कुछ कनिष्ठ कर्मचारियों ने विक्रेताओं से सांठगाठ की. शर्मा ने कहा कि यह धोखाधड़ी निश्चित तौर पर 10 करोड़ रुपये से अधिक की है. उन्होंने कहा कि गड़बड़ी करने वाले कर्मचारियों को हटाया गया है और साथ ही सैकड़ों विक्रेताओं को भी हटाया गया है, हमने यह सुनिश्चित किया है कि हमारे प्लेटफार्म पर सिर्फ ब्रांड विक्रेता रहें.
उन्होंने कहा कि ऐसे कड़े कदमों से विक्रेताओं की संख्या तो कम हुयी है, लेकिन इससे हमारे उपभोक्ताओं को बेहतर पारिस्थितिकी तंत्र मिल सकेगा. खबरों में कहा गया है कि अलीबाबा समर्थित कंपनी के कुछ कर्मचारियों ने तीसरे पक्ष के वेंडरों के साथ सांठगाठ कर फर्जी आर्डरों के जरिये कैशबैक को इधर-उधर किया.

 

15-May-2019

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